हरियाणा में नया उद्योग लगाना होगा बिल्कुल आसान, 15 दिन में बिना चक्कर काटे मिलेगी मंजूरी
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा विधानसभा में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम) उद्योगों को बढ़ावा देने और लालफीताशाही खत्म करने के लिए 'हरियाणा कारोबार का अधिकार विधेयक' पेश किया गया है। उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने बताया कि नए या विस्तार कर रहे उद्योगों को 15 दिन में अप्रवल मिलेगी, तय समय में फैसला न होने पर इसे डीम्ड अप्रूवल माना जाएगा।
इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिलते ही उद्यमियों को 36 महीने तक सामान्य निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई से छूट रहेगी। झूठी जानकारी देने पर प्रमाणपत्र रद्द किया जाएगा। इसके अलावा विधेयक पास कर महिला आयोग में सदस्यों की संख्या 5 से बढ़ाकर 7 की गई है। हरियाणा माल और सेवा कर संशोधन विधेयक भी पास किया गया। वहीं, एजी के पास अब 10 की जगह 15 विधि अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की पावर होगी। हरियाणा राज्य मित्र एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद के गठन के बाद पुराने 'भौतिक चिकित्सा परिषद अधिनियम' को निरस्त कर दिया गया। सदन में जीएसटी संशोधन विधेयक भी पास हुआ।
गांवों में वोटर के हिसाब से पास होंगी योजनाएं
गांवों की विकास योजना पास कराने के लिए 20% सदस्यों का कोरम अनिवार्य था। अब कोरम पूरा न होने पर अगले दिन बैठक होगी। 10 हजार वोटर वाले गांव में 500, 5 हजार तक 400 और 5 हजार से कम आबादी में 300 सदस्य जुटने पर भी योजनाएं पास हो सकेंगी।
31 मार्च 2004 या उससे पहले शामलात भूमि पर बने मकानों को बेचने की मंजूरी अब पंचायती राज निदेशक की जगह डीसी दे सकेंगे।
यूनिवर्सिटी, स्कूल, कॉलेज व निकायों का ऑडिट होगा। रिकॉर्ड न देने पर जुर्माना लगेगा व नुकसान की भरपाई अधिकारी/कर्मचारी की जेब से होगी।
अल्पसंख्यक आयोग का गठन होगा। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 5 गैर सरकारी सदस्य होंगे।
रेवाड़ी में कुसुम अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी और गुरुग्राम में मास्टर्स यूनियन यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी।