गर्मी में तो ठीक लेकिन सर्दी में कितनी बिजली बनाता है सोलर पैनल ! जाने कैसे करता है काम ?
Udaipur Times, Solar Energy Series : आजकल सोलर पैनल भारतीयों की पहली पसंद बन चुका है। इसका मुख्य कारण बढ़ते बिजली बिल से राहत मिलती है। दूसरा कारण केंद्र सरकार के साथ-साथ बहुत से राज्यों की सरकार की ओर से भी सोलर पैनल लगवाने पर सब्सिडी प्राप्त होती है। आमतौर पर हम सभी के मन में यह ख्याल जरूर आता है कि सोलर पैनल गर्मी में तो बहुत बढ़िया तरीके से काम करते हैं क्योंकि इस मौसम में सूर्य की प्राप्त रोशनी होती है लेकिन सर्दियों के मौसम में क्या? क्या सर्दियों के मौसम में सोलर पैनल काम करते हैं क्या हमें इससे बिजली प्राप्त हो सकती है? आज के इस लेख में हम आपको पूरी जानकारी देंगे।
सर्दियों में सोलर उत्पादन क्यों घट जाता है?
सर्दियों में सोलर पैनलों से बिजली उत्पादन कम होने के पीछे कई प्राकृतिक कारण होते हैं। सबसे पहला कारण है दिन की अवधि का कम होना। गर्मियों में जहां दिन लगभग 14 से 16 घंटे तक हो सकते हैं, वहीं सर्दियों में यह घटकर लगभग 7 से 10 घंटे रह जाता है। इसका सीधा असर सोलर उत्पादन पर पड़ता है क्योंकि पैनल केवल दिन के समय ही ऊर्जा उत्पन्न कर सकते हैं।
दूसरा कारण है सूर्य का कोण। सर्दियों में सूर्य आकाश में काफी नीचे रहता है, जिससे उसकी किरणें सीधे और तीव्र रूप से पैनलों पर नहीं पड़तीं। इससे ऊर्जा अवशोषण कम हो जाता है।
तीसरा कारण मौसम है। सर्दियों में बादल, कोहरा, धुंध और बारिश अधिक होती है, जिससे सूर्य का प्रकाश जमीन तक कम पहुंचता है।
इन सभी कारणों का संयुक्त प्रभाव यह होता है कि सर्दियों में सोलर पैनलों का उत्पादन गर्मियों की तुलना में 60 से 80 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
क्या सोलर पैनल ठंड में खराब काम करते हैं?
आमतौर पर यह एक गलतफहमी है कि ठंड में सोलर पैनल कम काम करते हैं क्योंकि ठंडा मौसम होता है। वास्तविकता इसके विपरीत है। सोलर पैनल गर्मी में नहीं बल्कि ठंडे तापमान में अधिक कुशलता से काम करते हैं। जब तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे होता है, तो पैनलों के अंदर इलेक्ट्रॉनों की गति बेहतर होती है और बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ सकती है। इसलिए ठंडा मौसम पैनलों के लिए तकनीकी रूप से फायदेमंद होता है, लेकिन कम धूप इसकी भरपाई नहीं कर पाती।
सर्दियों में सोलर उत्पादन को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक
1. कम दिन का समय
दिन छोटे होने के कारण पैनलों को ऊर्जा उत्पादन के लिए कम समय मिलता है।
2. सूर्य का कम कोण
सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं, जिससे पैनलों तक कम ऊर्जा पहुंचती है।
3. मौसम और बादल
कोहरे और बादलों के कारण प्रकाश की तीव्रता घट जाती है।
4. धूल और गंदगी
सर्दियों में धूल और प्रदूषण पैनलों की सतह पर जमा हो सकते हैं, जिससे दक्षता कम हो जाती है।
क्या सर्दियों में बिजली बिल बढ़ जाता है?
अगर आपके घर में सोलर सिस्टम आपकी दैनिक खपत को पूरा नहीं कर पाता, तो आपको अतिरिक्त बिजली ग्रिड से लेनी पड़ती है। इससे बिजली बिल बढ़ सकता है। हालांकि, जिनके पास नेट मीटरिंग सिस्टम होता है, वे गर्मियों में अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर सर्दियों में उसका उपयोग कर सकते हैं। इस तरह सालभर का औसत बिल काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है।
सर्दियों में सोलर उत्पादन बढ़ाने के उपाय
पैनलों का सही एंगल
सर्दियों में सूर्य नीचे होता है, इसलिए पैनलों का झुकाव (tilt angle) बदलकर अधिक धूप ली जा सकती है। यह उत्पादन बढ़ाने का सबसे प्रभावी तरीका है।
नियमित सफाई और रखरखाव
पैनलों की सतह पर जमी धूल, बर्फ या गंदगी को समय-समय पर साफ करना जरूरी है, ताकि रोशनी पूरी तरह अवशोषित हो सके।
बैटरी स्टोरेज का उपयोग
दिन में बनी अतिरिक्त बिजली को बैटरी में स्टोर करके रात में उपयोग किया जा सकता है। यह सर्दियों में बेहद उपयोगी होता है जब धूप जल्दी खत्म हो जाती है।
ऊर्जा बचत पर ध्यान
LED बल्ब, ऊर्जा कुशल उपकरण और स्मार्ट उपयोग से बिजली की खपत कम की जा सकती है, जिससे सोलर सिस्टम पर दबाव घटता है।
छाया से बचाव
पेड़ों या आस-पास की इमारतों से पड़ने वाली छाया को हटाने या कम करने से उत्पादन बेहतर होता है।
सालभर सोलर सिस्टम कैसे बेहतर काम करता है?
सोलर सिस्टम को केवल इंस्टॉल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे मौसम के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करना जरूरी होता है। गर्मियों में जहां उत्पादन अधिक होता है, वहीं सर्दियों में रणनीतिक उपयोग की जरूरत होती है। सही डिजाइन, बैटरी बैकअप और नियमित मॉनिटरिंग से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पूरे साल ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी रहे।
