गीतांजली में आईवीएफ द्वारा असंभव गर्भधारण हुआ संभव
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के गीतांजली फर्टिलिटी सेंटर द्वारा वेक्युलर अंड़ों के बावजूद गर्भधारण को संभव कर आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ पूजा गाँधी ने नया उदाहरण पेश किया।
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के गीतांजली फर्टिलिटी सेंटर द्वारा वेक्युलर अंड़ों के बावजूद गर्भधारण को संभव कर आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ पूजा गाँधी ने नया उदाहरण पेश किया।
डॉ पूजा गाँधी ने बताया कि 26 वर्षीय विनीता(परिवर्तित नाम) पिछले 7 वर्षों से निःसंतानता से परेशान थी और साथ ही पीसीओडी, एनओव्यूलेट्री चक्र( जिसमें अंडा नही बनता है), ओल्टर्ड एलएच/एफएसएच, अनियमित माहवारी, मुँह पर बाल तथा पिछले तीन वर्षों में ज्यादा वजन बढ़ने से परेशान थी।
इसके साथ ही कई अस्पतालों से आईयूआई में विफलता एवं पीसीओडी (एक ऐसी हार्मोनल समस्या जिसमें अंड़े की गुणवत्ता कम होती है) था। इसके बाद वे गीतांजली फर्टिलिटी सेंटर आई जहां उनका आईवीएफ किया गया, जिसमें 6 अंड़ो की प्राप्ति हुई जिनको आईवीएम( एक प्रकार का तरल) में डाला गया तथा इनमें से 2 अंडे ही सही तरह के थे लेकिन इनमें भी वेक्युल्स थे जो कि एक अच्छा प्रमाण नही है।
इसके बाद हमने दोनों अंडों पर आईसीएसआई(माइक्रोस्कोप द्वारा शुक्राणु को अंडे में डाला गया) किया और इसमें दोनों अंडे़ निषेचित पाए गए। तत्पश्चात् हमने भु्रण को स्थानांतरित किया और 14 दिन बाद जांचें की तो पाया कि रोगी गर्भवती है। इस प्रक्रिया में डॉ गाँधी की टीम जिनमें सुरेश मोर्या, अंकेश व स्मिता का भी पूर्ण योगदान रहा।
इस पूरी प्रक्रिया में पीसीओडी ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भवती हो पाना मुश्किल होता है, चूंकि रोगी सही समय पर सही आयु में आ गई तो यह मुश्किल भी आसान हो गई और वह गर्भवती होने में सक्षम हुई। इस मामले में भर्ती होने की जरूरत भी नहीं पड़ी।