जगदीश ने समुद्री तैराकी में मनवाया लोहा
उदयपुर के खेलगांव में स्विमिंग अभ्यास करने वाले राजसमंद के केलवा के जगदीश तेली ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी। 7 व 8 जनवरी को गुजरात के पोरबंदर में आयोजित प्रतिष्ठित श्रीराम समुद्री नेशनल त
उदयपुर के खेलगांव में स्विमिंग अभ्यास करने वाले राजसमंद के केलवा के जगदीश तेली ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी। 7 व 8 जनवरी को गुजरात के पोरबंदर में आयोजित प्रतिष्ठित श्रीराम समुद्री नेशनल तैराकी प्रतियोगिता में राजसमंद के केलवा निवासी जगदीशचंद्र तेली ने 5 हजार मीटर और 2 हजार मीटर में तीसरा स्थान प्राप्त कर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया।
दो कठिन स्पर्धाओं में जीते कांस्य पदक
उदयपुर खेल अधिकारी ललित सिंह झाला ने बताया कि दिव्यांग तैराक जगदीश चंद्र तेली कोच महेश पालीवाल के निर्देशन में खेल गांव तरणताल पर तैराकी का अभ्यास करते हैं और हाल में गुजरात में आयोजित तैराकी प्रतियोगिता में दिव्यांग जगदीश ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल और 2000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है इसी के साथ जगदीश में लगातार 22वीं समुद्री तट तैराकी प्रतियोगिता पूर्ण की। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि यह प्रतियोगिता गुजरात के पोरबंदर बीच पर हुई। जगदीश की यह रिकॉर्ड 22वीं समुद्री प्रतियोगिता थी। खास बात यह रही कि जगदीश ने अब तक की सभी प्रतियोगिताओं में देशके ख्यातनाम स्विमर के बीच टॉप टेन में जगह बरकरार रखी है।

ओलंपिक में पदक जीतने की ख्वाहिश, पैरालिंपिक के लिए कर रहा है कड़ा अभ्यास
जगदीश 2007 से स्विमिंग कर रहे हैं। उन्होंने तैराकी की शुरूआत राजसमंद झील से की व 4.5 किलोमीटर लंबी झील को एक ही बार में पार कर सबको चौंका दिया। उन्होंने तब नौचैकी से इरिगेशन गार्डन तक बिना रूके स्विमिंग की थी। जगदीश ने बताया कि उनका सपना पैरा ओलंपिक में नेशनल लेवल पर स्वर्ण पदक व उसके बाद ओलंपिक में पदक जीतना है। वे इंग्लिश चैनल भी पार करना चाहते हैं।

