जयपुर डेयरी को ₹133 करोड़ का बूस्टर डोज, रोज बनेगा 70 टन घी
Udaipur Times, Jaipur News: 12 जून 2026। राजधानी जयपुर में दुग्ध उत्पादकों और उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) के संयंत्र का ₹133 करोड़ की भारी-भरकम लागत से पूरी तरह आधुनिकीकरण और नवीनीकरण (मॉर्डनाइजेशन) कर दिया गया है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस नए प्लांट का उद्घाटन जल्द ही होने जा रहा है, जिससे जयपुर सहित आसपास के जिलों में दूध और घी की आपूर्ति व्यवस्था बेहद मजबूत हो जाएगी। Jaipur News
डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने किया निरीक्षण
इस नए मेगा प्लांट के भव्य उद्घाटन समारोह की तैयारियों को परखने के लिए राज्य के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने संयंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। मंत्री कुमावत ने प्लांट के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया और अधिकारियों से प्रोसेसिंग यूनिट्स की कार्यप्रणाली को समझा। निरीक्षण के बाद उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को उद्घाटन समारोह की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डेयरी मंत्री ने बताया कि प्रोसेसिंग प्लांट का कार्य अंतिम चरण में जल्द ही मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा इसका उदघाटन करेंगे। Jaipur Dairy
इस निरीक्षण के दौरान राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) की प्रबंध संचालक (एमडी) श्रुति भारद्वाज और जयपुर डेयरी के प्रबंध संचालक (एमडी) मनीष फौजदार भी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने मंत्री को आधुनिकीकरण के बाद आई नई तकनीकों और बढ़ी हुई क्षमताओं की तकनीकी जानकारी दी। Jaipur News
क्षमता में हुआ ऐतिहासिक विस्तार
डेयरी मंत्री श्री कुमावत ने बताया कि इस नवीनीकरण के बाद जयपुर डेयरी प्लांट की ताकत और उत्पादन क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है। दूध को संसाधित (प्रोसेस) करने की क्षमता अब 12 लाख लीटर से बढ़कर 20 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई है। साथ ही दूध के पाउच पैक करने की क्षमता 10 लाख लीटर से बढ़कर 16.50 लाख लीटर प्रतिदिन पहुंच गई है। Jaipur Dairy
कुमावत ने बताया कि इसके अतिरिक्त, संयंत्र में आधुनिक बॉयलर और मशीनरी स्थापित की गई है, जिसकी सहायता से प्रति घंटे लगभग 70 मीट्रिक टन भाप तथा घी, बटर, डेय वाटर जैसे विभिन्न दुग्ध उत्पादों का निर्माण किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि अब यह संयंत्र क्षेत्रीय दुग्ध उद्योग के लिए एक आधुनिक उदाहरण के रूप में स्थापित होगा। Jaipur News
पशुपालकों और उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
इस आधुनिकीकरण से न केवल जयपुर के लाखों उपभोक्ताओं को समय पर हाइजीनिक और उच्च गुणवत्ता वाला दूध मिल सकेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों पशुपालकों से भी अधिक मात्रा में दूध खरीदा जा सकेगा। प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने से दूध खराब होने की समस्या खत्म होगी और डेयरी उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी। Jaipur Dairy
