जन्माष्टमी पर्व: धोड़ा-धोड़ी नृत्य का आयोजन
जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शहर में लगातार दो दिनों से हो रहे कार्यक्रमों की दौर में आज सुबह 11 बजे जगदीश मंदिर धर्मोत्सव सेवा समिति द्वारा मटकी पूजन कर दधिका उत्सव मनाने की तेयारिया शुरू कि और वही आज दोपहर 2 बजे धोड़ा-धोड़ी नृत्य का आयोजन हुआ।

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शहर में लगातार दो दिनों से हो रहे कार्यक्रमों की दौर में आज सुबह 11 बजे जगदीश मंदिर धर्मोत्सव सेवा समिति द्वारा मटकी पूजन कर दधिका उत्सव मनाने की तेयारिया शुरू कि और वही आज दोपहर 2 बजे धोड़ा-धोड़ी नृत्य का आयोजन हुआ।
धर्मोत्सव सेवा समिति द्वारा मटकी पूजन कर हवा में लटकाई गई, जिसमे मटकी फोड़ विजेता को पेसिफिक यूनिवर्सिटी द्वारा 21000रु का नकद इनाम दिया जायेगा। दधिका उत्सव में मुख्य अतिथि महापोर रजनी डांगी, राहुल अग्रवाल, भीम सिंह चौहान (कला जी बावजी महंत) होंगे।
वहीँ दोपहर जगदीश मंदिर में धोड़ा-धोड़ी नृत्य का आयोजन हुआ, जो की पिछले कई वर्षो से हाथी राम एंड कम्पनी द्वारा प्रदर्शित किया जा रहा है जिसमें हाथी राम ग्रुप के अनुभवी कलाकार हर वर्ष नृत्य प्रदर्शन करते है। हाथी राम एंड कम्पनी के अध्यक्ष दामोदर दिवाकर वैष्णव ने बताया की इस नृत्य का आयोजन जगदीश मंदिर में करीब 400 सालों से हो रहा है।
धोड़ा-धोड़ी नृत्य का तात्पर्य है, “जब भगवान कृष्ण का जन्म हुआ तब उनके घर गाँव के लोग बधाईया मांगने गए, उसी उपलक्ष में गॉववालों ने बधाई गीत गाकर और नृत्य कर बधाईया मांगी, तब से इस प्रथा की शुरआत हुई”।
