बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए जल्द यहां तैयार होगा जेद्दा टावर, लोगों को मिलेगी ये खास सुविधाएं ?
Udaipur Times, Jedaa Tower : दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड लंबे समय से दुबई की बुर्ज खलीफा के नाम है, लेकिन अब यह रिकॉर्ड बदलने की तैयारी हो रही है। सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बन रहा जेद्दा टावर (Jeddah Tower) तेजी से आसमान की ओर बढ़ रहा है। निर्माण कार्य अब 109 मंजिलों तक पहुंच चुका है और इसके पूरा होने के बाद इसकी ऊंचाई 1 किलोमीटर से ज्यादा होने की उम्मीद है।अगर जेद्दा टावर तय योजना के मुताबिक पूरा होता है, तो यह 828 मीटर ऊंची बुर्ज खलीफा को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बन सकता है। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट पर दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।
109 मंजिलों तक पहुंचा जेद्दा टावर का निर्माण कार्य
जेद्दा टावर का निर्माण सऊदी अरब के जेद्दा शहर में किया जा रहा है। यह विशाल परियोजना अपनी ऊंचाई, डिजाइन और महत्वाकांक्षी निर्माण योजना के कारण लंबे समय से चर्चा में रही है। अब 109 मंजिलों तक निर्माण पहुंचने के बाद इस प्रोजेक्ट ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। जेद्दा टावर को पूरा होने के बाद 1,000 मीटर से अधिक ऊंचाई तक ले जाने की योजना है। इस ऊंचाई के साथ यह दुनिया की मौजूदा सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा से काफी आगे निकल सकता है। टावर की ऊंचाई जितनी असाधारण है, इसका डिजाइन भी उतना ही खास बताया जाता है। इसे ऐसा रूप देने की कोशिश की गई है, जो जेद्दा के आधुनिक शहरी विकास और सऊदी अरब की तेजी से बदलती पहचान को दर्शाए।
बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड कितने साल से कायम है?
दुबई की बुर्ज खलीफा का उद्घाटन वर्ष 2010 में हुआ था। करीब 828 मीटर ऊंची यह इमारत तब से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड अपने नाम किए हुए है।बुर्ज खलीफा की ऊंचाई इतनी ज्यादा है कि इसे देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक दुबई पहुंचते हैं। इमारत ने न सिर्फ दुबई बल्कि पूरे संयुक्त अरब अमीरात की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।लेकिन जेद्दा टावर की प्रस्तावित ऊंचाई बुर्ज खलीफा के रिकॉर्ड को बड़ी चुनौती दे रही है। अगर टावर 1,000 मीटर से अधिक ऊंचाई तक पहुंचता है, तो दोनों इमारतों के बीच ऊंचाई का अंतर 170 मीटर से ज्यादा हो सकता है।
क्या सच में टूट जाएगा बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड?
जेद्दा टावर के पूरा होने पर दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड बदलने की पूरी संभावना है। हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि रिकॉर्ड निश्चित रूप से कब टूटेगा। इसके लिए टावर का निर्माण पूरा होना और इसकी अंतिम ऊंचाई की आधिकारिक पुष्टि होना जरूरी होगा।अगर प्रोजेक्ट योजना के मुताबिक पूरा होता है और इसकी ऊंचाई 1 किलोमीटर से ऊपर जाती है, तो जेद्दा टावर न केवल बुर्ज खलीफा से ऊंचा होगा, बल्कि यह 1 किलोमीटर से अधिक ऊंची दुनिया की पहली इमारत बनने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बना सकता है।
जाने क्यों है जद्दे टावर इतना खास ?
जेद्दा टावर को केवल एक गगनचुंबी इमारत के रूप में नहीं देखा जा रहा है। यह सऊदी अरब के बड़े शहरी विकास और आर्थिक बदलाव की महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी हिस्सा है।जेद्दा शहर सऊदी अरब के प्रमुख शहरों में शामिल है और लाल सागर के किनारे स्थित होने के कारण इसका रणनीतिक और पर्यटन महत्व भी है। ऐसे में जेद्दा टावर के पूरा होने के बाद यह शहर की नई पहचान बन सकता है। इस विशाल टावर में अलग-अलग तरह की सुविधाओं को शामिल करने की योजना है। इसे सिर्फ कार्यालयों या आवासीय इस्तेमाल तक सीमित रखने के बजाय एक बड़े मिश्रित उपयोग वाले प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है।
आसमान में 1 किलोमीटर की ऊंचाई पर होगा टावर
कल्पना कीजिए कि जमीन से करीब 1 किलोमीटर ऊपर तक एक इमारत खड़ी हो। जेद्दा टावर की सबसे खास बात यही है कि इसकी प्रस्तावित ऊंचाई इंसानी इंजीनियरिंग की मौजूदा सीमाओं को एक नई चुनौती देती है। इतनी ऊंची इमारत का निर्माण सामान्य गगनचुंबी इमारतों से बिल्कुल अलग होता है। इसमें तेज हवाओं, इमारत के भार, लिफ्ट सिस्टम, सुरक्षा और लोगों के आने-जाने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।जितनी ऊंचाई बढ़ती है, उतनी ही इंजीनियरिंग चुनौती भी बढ़ती जाती है। यही कारण है कि जेद्दा टावर का निर्माण दुनिया की सबसे महत्वाकांक्षी निर्माण परियोजनाओं में गिना जा रहा है।
दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने की रेस
दुनिया में कई देशों ने पिछले कुछ वर्षों में गगनचुंबी इमारतों के निर्माण में अपनी क्षमता दिखाई है। लेकिन बुर्ज खलीफा के बाद 1 किलोमीटर से अधिक ऊंची इमारत बनाने की कोशिश अपने आप में बेहद महत्वाकांक्षी है। जेद्दा टावर के पूरा होने के बाद ऊंची इमारतों की वैश्विक सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अभी बुर्ज खलीफा सबसे ऊपर है, लेकिन जेद्दा टावर के सामने आने के बाद सऊदी अरब इस क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम कर सकता है।
सऊदी अरब के लिए प्रतिष्ठा का प्रोजेक्ट
जेद्दा टावर सऊदी अरब के लिए सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं है। यह देश की आधुनिक और वैश्विक छवि को मजबूत करने वाली बड़ी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद जेद्दा को दुनिया की सबसे ऊंची इमारत वाले शहर के रूप में भी नई पहचान मिल सकती है। जिस तरह बुर्ज खलीफा दुबई की पहचान का हिस्सा बन चुका है, उसी तरह जेद्दा टावर भी भविष्य में जेद्दा की पहचान बन सकता है।
पर्यटकों के लिए भी बन सकता है बड़ा आकर्षण
जेद्दा टावर के पूरा होने के बाद यहां दुनिया भर से पर्यटकों के आने की संभावना है। इतनी ऊंचाई से जेद्दा शहर और लाल सागर का दृश्य देखने का अनुभव अपने आप में बेहद खास हो सकता है। अगर टावर में प्रस्तावित व्यूइंग और सार्वजनिक सुविधाएं विकसित होती हैं, तो यह सऊदी अरब के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
बुर्ज खलीफा के बाद नया इतिहास?
बुर्ज खलीफा ने पिछले डेढ़ दशक से ज्यादा समय से दुनिया की सबसे ऊंची इमारत का रिकॉर्ड संभाल रखा है। अब जेद्दा टावर के निर्माण ने इस रिकॉर्ड को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। 109 मंजिलों तक पहुंच चुका निर्माण इस बात का संकेत है कि जेद्दा टावर धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह विशाल इमारत कब पूरी होगी और क्या इसकी अंतिम ऊंचाई वास्तव में 1 किलोमीटर से ज्यादा होगी।अगर ऐसा होता है, तो दुनिया को पहली बार 1 किलोमीटर से ज्यादा ऊंची इमारत देखने को मिलेगी और बुर्ज खलीफा का वर्षों पुराना रिकॉर्ड इतिहास का हिस्सा बन जाएगा। फिलहाल, दुनिया की नजरें जेद्दा पर टिकी हैं क्योंकि यहां सिर्फ एक इमारत नहीं बन रही, बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनने की नई कहानी लिखी जा रही है।