JSW यहां लगाने जा रही नया स्टील प्लांट, 65 हजार करोड़ के निवेश से मिलेगा हजारों युवाओं को रोजगार
Udaipur Times, JSW Steel Plant : JSW Steel ने ओडिशा के पारादीप में अपनी अब तक की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक पर काम शुरू कर दिया है। कंपनी यहां करीब 65,000 करोड़ रुपये के निवेश से 13.2 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता का एक एकीकृत स्टील प्लांट विकसित कर रही है। यह परियोजना भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और स्टील उत्पादन क्षमता को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
2,950 एकड़ में फैलेगा मेगा स्टील प्लांट
यह प्रोजेक्ट ओडिशा के तटीय क्षेत्र पारादीप में 2,950 एकड़ भूमि पर चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। समुद्री तट के पास होने के कारण इस प्लांट को बड़ा लॉजिस्टिक्स लाभ मिलेगा। पोर्ट कनेक्टिविटी की वजह से कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के निर्यात में आसानी होगी। कंपनी का मानना है कि यह स्थान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच को मजबूत करेगा, जिससे परिचालन दक्षता में भी सुधार आएगा।
रणनीतिक निवेश और फंडिंग प्लान
यह निवेश उस समय आया है जब कंपनी को अपनी सहायक कंपनी Bhushan Power and Steel से हिस्सेदारी बिक्री के बाद बड़ा फंड इनफ्लो मिला है। इस सौदे के तहत JSW Steel को हजारों करोड़ रुपये की नकदी प्राप्त हुई है, जिससे इस परियोजना को वित्तीय मजबूती मिली है। इसके अलावा, जापान की JFE Steel Corporation भी इस लेनदेन में हिस्सेदार है और निवेश संरचना को और मजबूत बना रही है।
भारत के औद्योगिक विकास में ओडिशा की अहम भूमिका
JSW समूह के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा कि यह परियोजना कंपनी की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम है और भारत की लंबी अवधि की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर भरोसे को दर्शाती है। कंपनी के अनुसार ओडिशा आज देश के सबसे तेजी से उभरते औद्योगिक राज्यों में शामिल है, जहां मजबूत नीतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश माहौल उपलब्ध है।
उत्पादन क्षमता और विस्तार की योजना
इस स्टील प्लांट की प्रारंभिक क्षमता 13.2 MTPA रखी गई है, लेकिन भविष्य में इसे बाजार की मांग के अनुसार और बढ़ाया जा सकता है। यह परियोजना भारत की बढ़ती स्टील डिमांड जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
स्थानीय विकास और रोजगार पर असर
कंपनी ने कहा है कि यह परियोजना सिर्फ एक औद्योगिक निवेश नहीं है, बल्कि ओडिशा के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। स्थानीय प्रशासन और सरकार के साथ मिलकर इसे एक आधुनिक स्टील हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
