गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, इन इलाकों की चमकेगी किस्मत

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गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे, इन इलाकों की चमकेगी किस्मत 

Udaipur Times, Kanpur Lucknow Expressway : कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे सिर्फ दोनों शहरों के बीच सफर का समय घटाने वाला प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह मध्य उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे पर रणनीतिक रूप से तैयार किए गए इंटरचेंज और एंट्री-एग्जिट पॉइंट कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई और रायबरेली समेत कई जिलों को सीधा लाभ पहुंचाएंगे।

पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा। यानी वाहन बीच रास्ते से एक्सप्रेसवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। एंट्री और एग्जिट केवल निर्धारित इंटरचेंज के जरिए ही होगी। इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और तेज होगी।

इन इंटरचेंजों से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

आजाद मार्ग इंटरचेंज (कानपुर): यह एक्सप्रेसवे का प्रमुख प्रवेश द्वार होगा। यहां से एनएच-27, जाजमऊ, शुक्लागंज और कानपुर शहर के कई हिस्सों के लोग सीधे एक्सप्रेसवे से जुड़ सकेंगे।

अमरसास-कोरारी इंटरचेंज (उन्नाव): इस इंटरचेंज के जरिए रायबरेली, लालगंज, अचलगंज और उन्नाव के दक्षिणी क्षेत्रों के लोग बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। भविष्य में यह गंगा एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी महत्वपूर्ण कनेक्टिंग पॉइंट बन सकता है।

बनी इंटरचेंज: यह उन्नाव और हरदोई की दिशा में यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा।

खंडेदेव और मीरनपुर पिनवट-शहीद पथ इंटरचेंज (लखनऊ): इन इंटरचेंजों के जरिए अमौसी एयरपोर्ट, आउटर रिंग रोड, एनएच-27, रायबरेली रोड, सुल्तानपुर रोड, आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

इंटरचेंज के आसपास बढ़ेगा कारोबार

विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरचेंज वाले क्षेत्रों में आने वाले समय में वेयरहाउस, लॉजिस्टिक्स पार्क, होटल, पेट्रोल पंप, ढाबे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से विकसित होंगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी और उद्योगों की परिवहन लागत भी कम होगी।

पूरे मध्य यूपी को मिलेगा फायदा

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का लाभ केवल दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क संपर्क से कानपुर, लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, रायबरेली और आसपास के कई जिलों में निवेश बढ़ने, उद्योगों को बढ़ावा मिलने और लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। यही वजह है कि इसे उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।

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