वेब सीरीज देखकर करती थीं पढ़ाई, AI से बनाई रणनीति, ऐसे बनीं SDM करिश्मा चौहान
Udaipur Times, SDM Karishma Chauhan Success Story : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की संयुक्त राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (PCS) परीक्षा 2024 में 17वीं रैंक हासिल कर नोएडा की करिश्मा चौहान ने सफलता की नई मिसाल पेश की है। महज 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने एसडीएम (उप जिलाधिकारी) का पद हासिल किया। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ChatGPT की मदद से परीक्षा की तैयारी की।
पिता का सपना बना जीवन का लक्ष्य
करिश्मा चौहान नोएडा के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता व्यवसायी हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। परिवार में उनकी एक छोटी बहन भी है। करिश्मा बताती हैं कि उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी पीसीएस अधिकारी बने। धीरे-धीरे यह सपना उनका अपना लक्ष्य बन गया और उन्होंने पूरी मेहनत के साथ इसकी तैयारी शुरू कर दी।

दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
करिश्मा ने शुरुआती शिक्षा नोएडा के स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से जूलॉजी (ऑनर्स) में स्नातक किया। आगे की पढ़ाई उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से पूरी की। पढ़ाई के अलावा उन्हें बैडमिंटन खेलना और खाना बनाना पसंद है।
पहले प्रयास में मिली असफलता
करिश्मा की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। पहले प्रयास में वह पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं कर सकीं। हालांकि उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों का विश्लेषण किया और नई रणनीति के साथ दोबारा तैयारी शुरू की।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि पहले प्रयास में वह बेहद कम अंकों से प्रीलिम्स में पीछे रह गई थीं। इसके बाद उन्होंने अनुशासित दिनचर्या अपनाई और रोजाना 14 से 15 घंटे पढ़ाई की।
AI और ChatGPT को बनाया तैयारी का साथी
करिश्मा ने मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ChatGPT का प्रभावी उपयोग किया। उन्होंने जनरल स्टडीज के पेपर-1 से पेपर-4 तक की तैयारी में ChatGPT की मदद ली। इसके अलावा उन्होंने 20 से 30 संभावित निबंध तैयार किए, जिनमें से तीन विषय परीक्षा में लगभग उसी रूप में पूछे गए।
करिश्मा का कहना है कि आधुनिक तकनीक का सही इस्तेमाल तैयारी को अधिक प्रभावी बना सकता है, लेकिन सफलता के लिए मेहनत और निरंतर अभ्यास सबसे जरूरी है।

पढ़ाई के साथ देखती थीं वेब सीरीज
करिश्मा की पढ़ाई का तरीका भी काफी अलग था। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के दौरान वह कई बार वेब सीरीज या फिल्में भी चलाकर रखती थीं। उनके मुताबिक इससे उनका ध्यान भटकने के बजाय पढ़ाई में और बेहतर एकाग्रता बनी रहती थी।
अब UPSC है अगला लक्ष्य
दूसरे प्रयास में यूपी पीसीएस परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल कर एसडीएम बनने के बाद भी करिश्मा का सफर नहीं रुका है। उनका अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनना है। वह अपनी सरकारी जिम्मेदारियों के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखेंगी।
अभ्यर्थियों को दी यह सलाह
करिश्मा चौहान का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए सबसे जरूरी आत्मविश्वास, सही रणनीति और निरंतर मेहनत है। उनका मानना है कि उम्मीदवारों को वर्तमान घटनाओं (Current Affairs) पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि पीसीएस जैसी परीक्षाओं में 60 से 70 प्रतिशत सवाल समसामयिक विषयों से जुड़े होते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि लक्ष्य मिलने तक लगातार मेहनत करते रहें और खुद पर विश्वास कभी न खोएं।
