जानिए DM अलंकृता पांडे के बारें में, घोस्ट टीचर मामले में अपनाया सख्त रवैया
Udaipur Times, Bhagalpur DM Alankrita Pandey : बिहार के भागलपुर जिले में एक 'घोस्ट' (फर्जी) शिक्षक बनाकर लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस घटना का पता चलने पर, जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पांडे ने तुरंत कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को निलंबित कर दिया गया। अलंकृता पांडे इन दिनों काफी चर्चा में हैं, क्योंकि वे प्रशासन में अपने सख्त और निर्णायक रवैये के लिए जानी जाती हैं।
भागलपुर में 'घोस्ट टीचर' का मामला क्या है?
भागलपुर के सुल्तानगंज ब्लॉक में, HRMS पोर्टल के जरिए 'तनुश्री' नाम की एक ऐसी शिक्षिका के नाम पर वेतन के रूप में लगभग 98.12 लाख रुपये का अवैध भुगतान किया गया, जो असल में मौजूद ही नहीं थी। यह अवैध भुगतान मई 2025 से जुलाई 2026 के बीच किया गया था। फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है और छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

कौन हैं IAS अलंकृता पांडे?
अलंकृता पांडे उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने MNIT, प्रयागराज से B.Tech किया है और सिविल सेवा में आने से पहले प्राइवेट सेक्टर में काम किया था।
बंगाल कैडर से बिहार तक का सफर
अलंकृता ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 85 प्राप्त की। शुरुआत में उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर मिला था, लेकिन साथी IAS अधिकारी अंशुल अग्रवाल से शादी के बाद, उन्हें इंटर-कैडर ट्रांसफर के जरिए बिहार कैडर मिल गया।

बिहार के कई जिलों में अहम जिम्मेदारियां
बिहार कैडर में आने के बाद से, IAS अलंकृता पांडे ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और अपने पेशेवर योगदान के लिए पहचान बनाई है। हाल ही में, जून 2026 में उन्हें भागलपुर जिले के प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इससे पहले, वे जहानाबाद जिले में तैनात थीं। वे अपने सख्त प्रशासनिक अंदाज और फील्ड में जाकर खुद काम की निगरानी करने के तरीके के कारण अक्सर सुर्खियों में रही हैं। उन्हें अक्सर स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए देखा गया है।