जानिए IAS अभिलाषा शर्मा के बारें में जिन्होंने लोकल जरूरतों के हिसाब से योजनाओं को लागू करने का निर्देश दिया
Udaipur Times, IAS Abhilasha Sharma : बिहार के औरंगाबाद की जिला मजिस्ट्रेट (DM) अभिलाषा शर्मा ने गांवों की तरक्की पर ध्यान देते हुए, विकास योजनाओं को लागू करने के लिए एक नई सोच के साथ योजना बनाई है। उन्होंने 'ग्राम पंचायत योजना' और 'SECURE 2.0' पोर्टल से जुड़े एक ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान यह बात कही। इन योजनाओं का मकसद ग्राम पंचायतों का सर्वांगीण और व्यवस्थित विकास करना है। IAS अभिलाषा शर्मा के अनुसार, विकास योजनाएं बनाते समय गांवों और पंचायतों की खास स्थानीय ज़रूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों और विकास की प्राथमिकताओं के आधार पर असरदार ग्राम पंचायत विकास योजनाएं बनाने पर ज़ोर दिया।
योजनाओं को लागू करने का DM का खास तरीका
DM अभिलाषा शर्मा इस बात की पुरज़ोर वकालत करती हैं कि विकास योजनाओं और फंड को खास तौर पर उन इलाकों और गांवों में भेजा जाए जहां उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। औरंगाबाद में हाल ही में हुए एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान, अधिकारियों और कर्मचारियों को योजना बनाने के अलग-अलग चरणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विकास की प्राथमिकताओं की पहचान करना, संसाधनों का सही इस्तेमाल करना और अलग-अलग विभागों की योजनाओं को एक साथ लाना (कन्वर्जेंस) शामिल था। DM के अनुसार, ग्राम पंचायत योजनाएं बनाते समय स्थानीय जरूरतों और जमीनी हकीकत को प्राथमिकता देना जरूरी है।
कौन हैं IAS अभिलाषा शर्मा?
8 जुलाई 1990 को जन्मीं अभिलाषा शर्मा 2017 बैच (बिहार कैडर) की इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने MDU रोहतक से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में B.Tech की डिग्री और JNU, नई दिल्ली से पब्लिक मैनेजमेंट में M.A. किया है। वह 10 दिसंबर 2025 से बिहार के औरंगाबाद में कलेक्टर और ज़िला मजिस्ट्रेट के तौर पर काम कर रही हैं। इससे पहले, वह ज़िला मजिस्ट्रेट, MGNREGA कमिश्नर-सह-अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संयुक्त सचिव, कलेक्टर और ज़िला मजिस्ट्रेट, और सहायक कलेक्टर और कार्यकारी मजिस्ट्रेट जैसे कई पदों पर काम कर चुकी हैं। वह एक सक्रिय IAS अधिकारी हैं।
DM की देखरेख में SECURE 2.0 पोर्टल पर ट्रेनिंग
औरंगाबाद ज़िला प्रशासन ने हाल ही में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 'SECURE 2.0' पोर्टल को चलाने के बारे में गहन ट्रेनिंग आयोजित की, ताकि विकास योजनाओं को सही ढंग से लागू किया जा सके। संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने वहां मौजूद अधिकारियों और टेक्निकल स्टाफ को पोर्टल पर काम करने, ज़रूरी डेटा एंट्री और टेक्निकल प्रक्रियाओं के बारे में पूरी जानकारी दी; इस कदम का मकसद काम में पारदर्शिता लाना है। ट्रेनिंग सेशन के दौरान, हिस्सा लेने वालों के टेक्निकल सवालों और प्रैक्टिकल दिक्कतों को मौके पर ही सुलझाया गया। साथ ही, सभी संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे तय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से और समय पर काम पूरा करें।
UPSC में 68वीं रैंक हासिल की
अभिलाषा शर्मा 2017 बैच की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 2017 में UPSC परीक्षा में 68वीं रैंक हासिल की थी। मूल रूप से हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली अभिलाषा के पास इंजीनियरिंग की डिग्री है। उन्होंने 2013 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और शुरुआती चरण (प्रीलिम्स) में तीन बार असफल रहीं। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में परीक्षा पास कर ली। अभिलाषा शर्मा अपने नए तरीकों और योजनाओं को असरदार ढंग से लागू करने के लिए जानी जाती हैं; उन्हें जनहित में लगातार पहल करने के लिए पहचाना जाता है। उन्होंने औरंगाबाद के गांवों के लिए वहां की खास ज़रूरतों के आधार पर विकास योजनाएं बनाने पर ज़ोर दिया है।