जानिए पाकिस्तान की कमर तोड़ने वाली IPS अनुष्ठा कालिया के बारें में, UPSC में पहले ही प्रयास में हासिल की थी सफलता
IPS Anushtha Kalia: बहुत से लोग सपने देखते हैं, लेकिन उन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए कड़ी मेहनत और जुनून की जरूरत होती है। IPS अधिकारी अनुष्ठा कालिया की कहानी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 पास की और महज 24 साल की उम्र में IPS अधिकारी बनने का अपना सपना पूरा किया।
वह 2022 बैच की अधिकारी हैं और उन्हें राजस्थान कैडर मिला है। हाल ही में वह तब चर्चा में आईं, जब उन्हें 'केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक' (Union Home Minister’s Medal for Excellence) के लिए चुना गया। उन्हें यह सम्मान पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों को पकड़ने और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क को तोड़ने में उनकी अहम भूमिका के लिए मिला है। अनुष्ठा की सफलता की कहानी एक प्रेरणा है, जो दिखाती है कि कड़ी मेहनत और निडर सोच से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है।
दिल्ली की रहने वाली अनुष्ठा हमेशा अपनी पढ़ाई पर पूरी तरह केंद्रित रहीं
IPS अनुष्ठा कालिया मूल रूप से दिल्ली के द्वारका की रहने वाली हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनके पिता का नाम पुष्पेंद्र कालिया और मां का नाम बेला देवी है। उनके पिता रिटायर हो चुके हैं, जबकि उनकी मां कानून मंत्रालय (Ministry of Law) में काम करती हैं। अनुष्ठा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली में पूरी की; वह बचपन से ही एक होनहार छात्रा थीं और हमेशा अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थीं।
B.Tech पूरा करने के बाद, उन्होंने डेटा साइंटिस्ट के तौर पर काम किया।
अपनी शुरुआती पढ़ाई के बाद, अनुष्ठा ने तकनीकी क्षेत्र को चुना और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) में B.Tech की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद, वह कॉर्पोरेट सेक्टर में चली गईं और डेटा साइंटिस्ट के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों पर काम करने का अनुभव लिया। करियर की एक अच्छी शुरुआत के बावजूद, उनके मन में सिविल सेवा में शामिल होने और देश की सेवा करने की गहरी इच्छा थी।
नौकरी के साथ-साथ UPSC का सपना पूरा करने की कोशिश
कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते हुए, अनुष्ठा ने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया। उन्होंने अपने करियर की दिशा बदली और UPSC की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने अप्रैल 2020 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और मनोविज्ञान (Psychology) को अपना वैकल्पिक विषय (optional subject) चुना। उन्होंने इस नए विषय में महारत हासिल करने और परीक्षा की खास जरूरतों के हिसाब से अपनी तैयारी को ढालने में कड़ी मेहनत की।
पहले ही प्रयास में UPSC पास किया और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 143 हासिल की
अनुष्ठा की कड़ी मेहनत 2021 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा के नतीजों में रंग लाई। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 143 हासिल की। 30 मई 2022 को जब अंतिम परिणाम घोषित हुए, तब उनकी उम्र सिर्फ 24 साल थी। इसके बाद, वह 2022 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी बनीं। हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में अपनी ट्रेनिंग के दौरान, उन्हें सर्वश्रेष्ठ आउटडोर प्रोबेशनर होने के लिए प्रतिष्ठित 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' (Sword of Honour) से सम्मानित किया गया।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियारों से जुड़े मामले में अनुष्ठा की बड़ी कामयाबी
24 साल की उम्र में IPS की वर्दी पहनकर, अनुष्ठा ने राजस्थान के बीकानेर में अपनी एक अलग पहचान बनाई। राजस्थान पुलिस के आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर दी गई जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 में भारत-पाकिस्तान सीमा (खाजूवाला) के पास एक घटना हुई, जहां पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में हथियारों की तस्करी की गई थी। BSF और पुलिस के एक संयुक्त अभियान में 5 पिस्तौल, 325 कारतूस और एक ड्रोन बरामद किया गया।
अनुष्ठा ने इस मामले की जांच का नेतृत्व किया और हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया। जांच में उनकी अहम भूमिका के लिए, उन्हें 2026 में 'केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक' (Union Home Minister’s Medal for Excellence) के लिए चुना गया। अनुष्ठा को एक निडर अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उनकी सफलता की कहानी इस बात का सबूत है कि दृढ़ संकल्प और लगन से कोई भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है और बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।