जानिए गीजर चलाने के लिए कितने सोलर पैनल की होती है जरूरत, यहां मिलेगा पूरा हिसाब-किताब ?

 | 
जानिए गीजर चलाने के लिए कितने सोलर पैनल की होती है जरूरत, यहां मिलेगा पूरा हिसाब-किताब ?

Udaipur Times, Solar Panel : सर्दियों में सुबह-सुबह गर्म पानी मिलने से दिन की शुरुआत करना आसान हो जाता है। लेकिन जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, गीजर का इस्तेमाल भी बढ़ जाता है, जिससे बिजली का बिल भी बढ़ जाता है। कई लोग सोचते हैं कि क्या छत पर सोलर पैनल (Solar Panel)  लगाने से वे गीजर को ठीक से चला पाएंगे। सोलर पैनल न सिर्फ़ बिजली का बिल कम करने में मदद करते हैं, बल्कि घर की रोज़ाना की बिजली की खपत को मैनेज करने में भी सहायक होते हैं। इसलिए, अगर आप सिर्फ़ गीज़र के लिए सोलर पैनल लगाने के बारे में सोच रहे हैं, तो भी वे आपके कुल बिजली खर्च को कम करने में मदद करेंगे।

गीजर चलाने के लिए कितने सोलर पैनल (Solar Panel) की जरूरत होती है?

घरों में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिक गीज़र की क्षमता 1,000 से 3,000 वाट या उससे ज़्यादा होती है। अगर आपके पास 2,000 वाट का गीज़र है, तो उसे चलाने के लिए आपको काफ़ी क्षमता वाले सोलर सिस्टम (Solar Panel) की जरूरत होगी। आजकल बाज़ार में 550 वाट के सोलर पैनल उपलब्ध हैं; ऐसे चार पैनल मिलकर लगभग 2.2 किलोवाट की कुल क्षमता देते हैं।

सोलर पैनल (Solar Panel) की कीमत क्या है?

भारत में, 550 वाट के सोलर पैनल (Solar Panel) की कीमत ब्रांड, टेक्नोलॉजी और मॉडल के आधार पर अलग-अलग होती है। कुछ ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर ये लगभग ₹10,000 से ₹15,000 में मिल जाते हैं, हालांकि प्रीमियम मॉडल ज़्यादा महंगे हो सकते हैं। अगर आप गीज़र के लिए चार पैनल लगाने की योजना बना रहे हैं, तो आप सिर्फ़ पैनल पर लगभग ₹40,000 से ₹60,000 खर्च होने की उम्मीद कर सकते हैं।

सोलर पैनल (Solar Panel) का वजन कितना होता है?

छत पर सोलर पैनल (Solar Panel) लगाते समय, लोग अक्सर कीमत और बिजली बनाने की क्षमता पर ध्यान देते हैं, लेकिन वज़न को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। अकेले चार पैनल का कुल वज़न लगभग 100 से 112 किलोग्राम तक हो सकता है। इसके अलावा, पैनल को सहारा देने वाले लोहे या एल्युमीनियम के स्ट्रक्चर का वजन भी इसमें जुड़ जाता है। इसलिए, पैनल लगाने से पहले छत की मजबूती और सुरक्षा की जांच करना जरूरी है।

क्या गीजर दिन में चल सकता है?

सही क्षमता और डिज़ाइन वाला सोलर सिस्टम दिन (Solar Panel)  के समय गीजर को बिजली दे सकता है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली एक जैसी नहीं रहती; घने बादलों या कम धूप की वजह से बिजली का उत्पादन कम हो सकता है। इसके उलट, रात में गीजर चलाने के लिए बैटरी पावर या ग्रिड से बिजली की जरूरत पड़ सकती है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News