Udaipur Times, 8th Pay Commission : 8वें CPC (वेतन आयोग) से जुड़ी ताज़ा जानकारी के लिए, केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी अब आयोग की रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। आयोग की अगली बैठक 7 और 8 अक्टूबर, 2026 को बेंगलुरु में होनी है। इसके बाद, 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में भी एक बैठक प्रस्तावित है। अब तक, आयोग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के साथ बैठकें की हैं। खबरों के अनुसार, आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है, और इस समय का लगभग 11 महीना पहले ही बीत चुका है।
रिपोर्ट कब आ सकती है?
कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की रिपोर्ट सौंपे जाने की संभावित तारीख को लेकर अलग-अलग राय है। कुछ प्रतिनिधियों का मानना है कि आयोग फरवरी या मार्च 2027 तक रिपोर्ट सौंप सकता है, जबकि अन्य का सुझाव है कि यह मई 2027 तक आ सकती है। 'ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज एसोसिएशन' के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के अनुसार, अगर आयोग नवंबर 2026 तक अपनी बैठकें पूरी कर लेता है, तो रिपोर्ट फरवरी या मार्च 2027 में सरकार को सौंपी जा सकती है।
वहीं, 'ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन' के महासचिव सी. श्रीकुमार का कहना है कि आयोग की समय-सीमा मई 2027 तक है और उन्हें उम्मीद है कि रिपोर्ट 18 महीने की समय-सीमा के भीतर जारी कर दी जाएगी। 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स' के अध्यक्ष एस.बी. यादव ने राय व्यक्त की है कि रिपोर्ट मई 2027 में जारी होने की संभावना है।
रिपोर्ट के बाद की प्रक्रिया
8वां वेतन आयोग विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करने के बाद सिफारिशों वाली अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके बाद, रिपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त मंत्रियों के समूह को सौंपी जाएगी। मंत्रियों का समूह सिफारिशों की समीक्षा कर सकता है और ज़रूरत पड़ने पर बदलाव का सुझाव दे सकता है। इसके बाद, सरकार रिपोर्ट को लागू करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी करेगी। सी. श्रीकुमार के अनुसार, सरकार को सिफारिशों को लागू करने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। एसबी यादव ने कहा है कि मंत्रियों के समूह से जुड़ी प्रक्रिया और सिफारिशों को लागू करने में चार से छह महीने और लग सकते हैं।
8वें वेतन आयोग की आगामी बैठकें
आयोग की बैठकों का सिलसिला जारी है। अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई में बैठकें होनी हैं।
बेंगलुरु: 7–8 अक्टूबर 2026
मुंबई: 22–23 अक्टूबर 2026
इससे पहले, आयोग ने दिल्ली, लद्दाख, श्रीनगर, हैदराबाद, पुणे, देहरादून, लखनऊ, भुवनेश्वर, कोलकाता, जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ सहित कई जगहों पर बैठकें की हैं।
कुछ प्रतिनिधियों का अनुमान: 2027 के आखिर तक
इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन के सीनियर जॉइंट जनरल सेक्रेटरी केवी कामेश को उम्मीद है कि आयोग तय 18 महीने की समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट पूरी कर लेगा। उनके अनुसार, 2027 के आखिर तक इसका असर दिख सकता है, और नए वेतनमान 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकते हैं।
दूसरी ओर, भारत पेंशनर्स समाज के जनरल सेक्रेटरी अविनाश राजपूत ने पिछले ट्रेंड्स का हवाला देते हुए कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशें जारी होने के बाद उन्हें पूरी तरह लागू होने में दो से तीन साल लग सकते हैं। उनके अनुसार, 2027 में घोषित बढ़ोतरी शायद 2029 या 2030 तक ही पूरी तरह लागू हो पाएगी।
पिछली वेतन आयोग की रिपोर्ट कब जारी हुई थी?
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में पिछली वेतन आयोग की रिपोर्ट जारी होने में लगे समय का भी ज़िक्र किया गया है। 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में किया गया था और इसने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। 6ठे वेतन आयोग का गठन अक्टूबर 2006 में किया गया था और इसकी रिपोर्ट मार्च 2008 में सौंपी गई थी।
वेतन आयोग गठन रिपोर्ट सौंपना
पहला वेतन आयोग मई 1946 मई 1947
दूसरा वेतन आयोग अगस्त 1957 अगस्त 1958
तीसरा वेतन आयोग अप्रैल 1970 मार्च 1973
चौथा वेतन आयोग जून 1983 जून 1986, दिसंबर 1986 और मई 1987
पांचवां वेतन आयोग अप्रैल 1994 जनवरी 1997
छठा वेतन आयोग अक्टूबर 2006 मार्च 2008
सातवां वेतन आयोग | फरवरी 2014 | नवंबर 2015
ताज़ा अपडेट
8वें वेतन आयोग को लेकर अभी कई बैठकें चल रही हैं। अगली अहम बैठक 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में होनी है। रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा को लेकर अलग-अलग राय सामने आई हैं, जिसमें फरवरी-मार्च 2027 से लेकर मई 2027 तक का अनुमान लगाया जा रहा है। सरकार की समीक्षा और नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और साफ़ हो जाएगी।