कुम्भलगढ महोत्सव कल से

शास्त्रीय संगीत एवं कला प्रेमी महाराणा कुम्भा को समर्पित कुम्भलगढ महोत्सव का आयोजन पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन, राजसमन्द के संयुक्त तत्वाधान में कुम्भलगढ के ऐतिहासिक दुर्ग पर 28 से 30 जनवरी तक होगा।

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शास्त्रीय संगीत एवं कला प्रेमी महाराणा कुम्भा को समर्पित कुम्भलगढ महोत्सव का आयोजन पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन, राजसमन्द के संयुक्त तत्वाधान में कुम्भलगढ के ऐतिहासिक दुर्ग पर 28 से 30 जनवरी तक होगा।

28 से 30 जनवरी 2014 को प्रात: 11.00 बजे से दोपहर 3 बजे तक कुम्भलगढ दुर्ग पर पर्यटकों के मनोरंजन हेतु विभिन्न प्रतियोगिताएं यथा साफा बांधना, रस्साकशी इत्यादि आयोजित की जायेगी; साथ ही दिन में राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां दी जायेंगी।

इसी दिन सायं 7 बजे प्रख्यात भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रिया वेंकटरमण, नई दिल्ली द्वारा भरतनाट्यम प्रस्तुति दी जायेगी। प्रिया वेंकटरमण ने स्पेन, जर्मनी, फ्रांस, यूके आदि देशों में अपनी प्रस्तुतियां दी है।

आगामी 29 जनवरी को सायं 7 बजे मालिनी अवस्थी, नई दिल्ली द्वारा भोजपुरी गायन की प्रस्तुति दी जायेगी। श्रीमती अवस्थी बनारसी शैली में लोक गायन के लिए प्रसिद्व है।

महोत्सव के अंतिम दिन 30 जनवरी को राजस्थानी लोक नृत्यों एवं गीतों की प्रस्तुति दी जायेगी। लोक नृत्यों में कालबेलिया, तेरहताली, लाल आंगी गैर, चरी, चकरी मयूर नृत्य, भपंग आदि प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेगी।

उल्लेखनीय है कि यूनेस्को की विश्व विरातस स्थलों की सूची में सम्मिलित कुम्भलग$ढ दुर्ग अपनी ऐतिहासिकता, मनोहारी एवं प्राकृतिक छटा के लिए विख्यात है। रात्रि में दुर्ग पर की गई आकर्षक रोशनी दुर्ग की अनूठी तस्वीर प्रस्तुत करती है।

कुम्भलगढ महोत्सव में देश-विदेश के ख्यातनाम कलाकारों की प्रस्तुतियों से कुम्भलगढ दुर्ग देश के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित हुआ है।

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