स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर लाखों ठगने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर लाखों ठगने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

आरोपी विनोद यादव शिवांगी बिल्डकोम नामक फर्जी कम्पनी द्वारा बड़े व्यापारियों को होटल बंगलो में स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर ऑनलाइन सम्पर्क कर ठेका लेकर वहीँ के स्थानीय कारीगर मज़दूरों को विश्वास में लेता थोड़ा बहुत काम चालू करवा कर पूरी रकम अपनी फर्जी कम्पनी में ट्रांसफर करवाकर मोबाईल और फ़ोन बंद कर भाग जाता। इसने कभी अपना सही नाम पता और पर्सनल मोबाइल किसी को नहीं बताया। अभियुक्त ने पांच साल में करीब 22-25 लाख की ठगी कबूल की है।

 

स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर लाखों ठगने वाला चढ़ा पुलिस के हत्थे

एक फर्जी वेबसाइट बनाकर स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर लोगो से लाखों की ठगी करने वाला एक शातिर संचालक उदयपुर के जावरमाइंस थाने के हत्थे चढ़ा है। जावरमाइंस थानाधिकारी धनपत सिंह, कांस्टेबल विनेश कुमार और वीरेन्द्रसिंह ने आरोपी विनोद यादव पिता रामनारायण यादव उम्र 40 वर्ष निवासी देवरिया (उत्तरप्रदेश) हाल निवासी अहमदाबाद (गुजरात) को मध्यप्रेश के खरगोन जिले से धर दबोचा है। आरोपी ने राजस्थान, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, आसाम से कई लोगो से स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर लाखों रूपये हड़प किये है।

आरोपी विनोद यादव शिवांगी बिल्डकोम नामक फर्जी कम्पनी द्वारा बड़े व्यापारियों को होटल बंगलो में स्वीमिंग पूल बनाने के नाम पर ऑनलाइन सम्पर्क कर ठेका लेकर वहीँ के स्थानीय कारीगर मज़दूरों को विश्वास में लेता थोड़ा बहुत काम चालू करवा कर पूरी रकम अपनी फर्जी कम्पनी में ट्रांसफर करवाकर मोबाईल और फ़ोन बंद कर भाग जाता। इसने कभी अपना सही नाम पता और पर्सनल मोबाइल किसी को नहीं बताया। अभियुक्त ने पांच साल में करीब 22-25 लाख की ठगी कबूल की है।

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जिले के जावरमाइंस थाना क्षेत्र के ओड़ा गांव के वेद प्रकाश गुप्ता भी अपने परिसर में स्वीमिंग पूल बनाने के लिए ऑनलाइन सम्पर्क कर विनोद यादव की फर्जी कम्पनी शिवांगी बिल्डकोम के झांसे में आ गए। विनोद ने वेदप्रकाश गुप्ता से स्वीमिंग पूल बनाने के लिए 4,92,000 रूपये का करार किया। विनोद ने एक लाख रूपये एडवांस ले लिए और थोड़ा बहुत काम चालू करवाकर मज़दूरी और मटेरियल लाने के लिए तीन लाख रूपये लेकर गायब हो गया। वेदप्रकाश गुप्ता ने जब सम्पर्क करना चाहा तो मोबाइल भी बंद मिला। जब वेदप्रकाश गुप्ता ने इस आशय की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई तो जांच में पता चला की आरोपी स्वीमिंग पूल बनवाने का काम जानता ही नहीं है और लोगो से ठगी करता है।

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