73 गांवों की जमीनों का होगा अधिग्रहण ! लोग होंगे मालामाल, 22 हजार करोड़ में यहां तैयार होगा नया एक्सप्रेसवे
Udaipur Times, Vindhya Expressway : उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद अब एक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट विंध्य एक्सप्रेसवे को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। करीब 330 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority द्वारा किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 22,000 करोड़ रुपये है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र को नई पहचान देने के साथ-साथ मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा।
प्रयागराज से सोनभद्र तक बनेगा एक्सप्रेसवे
विंध्य एक्सप्रेसवे की शुरुआत प्रयागराज के सोरांव तहसील स्थित जूड़ापुर दांदू गांव से होगी और यह सोनभद्र जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास परसा टोला तक जाएगा। इसके बनने से प्रयागराज से रीवा, सतना और सीधी तक की यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर से विंध्य क्षेत्र की यात्रा महज 8 से 9 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
73 गांवों में सर्वे और भूमि अधिग्रहण की तैयारी
प्रयागराज जिले की सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसीलों के 73 गांवों से होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 45 गांवों का सर्वे पूरा हो चुका है और भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। इन तीनों तहसीलों में कुल 73 गांव प्रभावित होंगे, जिनमें सोरांव तहसील के 23 गांव, फूलपुर तहसील के 24 गांव और हंडिया तहसील के 26 गांव शामिल हैं।
यूपीडा ने भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेज दिया है। अब संबंधित तहसीलों द्वारा जमीन का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद भूमि खरीद की अधिसूचना जारी की जाएगी।
120 KM प्रति घंटे की होगी रफ्तार
विंध्य एक्सप्रेसवे को शुरुआती चरण में 6 लेन का बनाया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।
बनेंगे सुरंग, बड़ा गंगा पुल और लिंक रोड
परियोजना के तहत सोनभद्र के पहाड़ी क्षेत्रों में सुरंग (टनल) बनाई जाएगी। इसके अलावा मिर्जापुर के पूर्व में गंगा नदी पर एक बड़ा पुल भी बनाया जाएगा।
एक 107 किलोमीटर लंबी लिंक रोड मिर्जापुर के हमीदपुर गांव से शुरू होकर गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अंतिम बिंदु से जुड़ेगी। इस मार्ग पर छह इंटरचेंज, दो रेलवे ओवरब्रिज (ROB) और 56 अंडरपास बनाए जाएंगे।
कई राज्यों को मिलेगा फायदा
विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर बन जाएगा।
इस परियोजना से मध्य प्रदेश के रीवा, सतना और सीधी के व्यापारियों को भी बड़ा फायदा होगा, क्योंकि उन्हें बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजारों तक तेज और बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।
एडीएम (एफआर) विनीता सिंह के मुताबिक, यूपीडा की ओर से भूमि खरीद का प्रस्ताव भेजा गया है और उसका सत्यापन कराया जा रहा है। प्रक्रिया पूरी होते ही भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
विंध्य एक्सप्रेसवे की प्रमुख बातें
कुल लंबाई – 330 किलोमीटर
अनुमानित लागत – 22,000 करोड़ रुपये
शुरुआती चौड़ाई – 6 लेन (भविष्य में 8 लेन)
डिजाइन स्पीड – 120 किमी प्रति घंटा
प्रयागराज से सोनभद्र तक सीधा संपर्क
गंगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
107 किमी लंबी लिंक रोड का निर्माण
चार अन्य राज्यों से बेहतर संपर्क की तैयारी
दिल्ली-एनसीआर से विंध्य क्षेत्र की यात्रा होगी आसान।
