पारंपरिक खेती छोड़ हरियाणा के किसान ने बदली किस्मत ! नेट हाउस लगाकर 10 लोगों को दिया रोजगार
Udaipur Times, Haryana News, जींद : पारंपरिक खेती छोड़कर हरियाणा के किसान ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। धान, गेहूं और गन्ने की परंपरागत खेती के दर्रे को छोड़कर गांव भंभेवा के किसान मनजीत दहिया ने नेट हाउस तकनीक को अपना खेती को फायदे का सौदा बना दिया।
उद्यान विभाग के अधिकारियों की सलाह पर मात्र एक एकड़ में लगाई खीरे की फसल से उन्होंने न केवल 823 क्विंटल का उत्पादन कर 12.50 लाख रुपये की मोटी आमदनी ली बल्कि गांव के 10 मजदूरों को स्थायी रोजगार भी मुहैया कराया। पहली ही फसल में मिले शानदार नतीजों से उत्साहित होकर मनजीत ने अब टमाटर और दोबारा खीरे की अगैती खेती शुरू कर दी है जिससे अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से उत्पादन मिलना शुरू हो जाएगा। Haryana News
मनजीत बताते हैं कि जिला बागवानी अधिकारी डॉ. बनित और जिला सलाहकार डॉ. असीम जांगड़ा ने उन्हें नेट हाउस में बागवानी फसल लगाने के फायदे समझाए। शुरुआत में उन्होंने ट्रायल के तौर पर केवल एक एकड़ में खीरा लगाया। अगैती फसल होने के कारण मंडी में खीरे के अच्छे भाव मिले। तैयार खीरे को 20-20 किलो की पैकिंग में भरकर जींद और गोहाना की मंडियों में बेचा गया। रिकॉर्ड उत्पादन और अच्छे भाव ने परंपरागत खेती से अलग सब्जी की खेती की ओर उनका भरोसा और मजबूत कर दिया। Haryana News
40 एकड़ जमीन पर खेती और अब कॉमर्शियल क्रॉप बढ़ाने की तैयारी
मनजीत करीब 40 एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। पहले उनका पूरा जोर धान, गेहूं और गन्ने जैसी परंपरागत फसलों पर था। उनके भाई संदीप के बागवानी विभाग के अधिकारियों से संपर्क के चलते उनकी भी अधिकारियों से बातचीत होती रहती थी। अधिकारियों ने उन्हें सब्जी की खेती के लाभ और नेट हाउस में उत्पादन की संभावनाओं के बारे में बताया। Haryana News
पिता पूर्व सरपंच बलबीर ने भी बागवानी शुरू करने के फैसले का पहले से ही समर्थन किया हुआ था। इसके बाद उन्होंने पहली बार एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू करने का निर्णय लिया।