नई शिक्षा में पुस्तकालय शिक्षण जरूरी- डॉ. मीणा
जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय का के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय तथा सी.टी.ई. योजना के अन्तर्गत आयोजित पांच दिवसीय पुस्तकालय शिक्षा कार्यशाला का उद्घाटन

जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विष्वविद्यालय का के संघटक लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय तथा सी.टी.ई. योजना के अन्तर्गत आयोजित पांच दिवसीय पुस्तकालय शिक्षा कार्यशाला का उद्घाटन सुखाडि़या विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ. रामकेश मीणा ने रंगनाथन की तस्वीर तथा सरस्वति देवी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन कर शुरूआत की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शशी चित्तोड़ा ने की डॉ. रामकेश मीणा ने कहा कि नई शिक्षा में पुस्तकालय शिक्षण जरूरी है क्यों कि शिक्षकों को पुस्तकालय व्यवस्थापन नियम उप-नियम, वर्गीकरण, सूचीकरण, संदर्भ मानसिक स्वास्थ्य द्वारा बौद्धिक समृद्धि पाने से है जिस शिक्षक बौद्धिक क्षमता जितनी अधिक होगी वह अपनी कक्षा में अपने छात्रों के बीच उतना ही प्रतिष्ठित व सम्मानित होगा।
पुस्तकालय अध्यक्ष बलवंत सिंह चौहान ने बताया कि ग्रन्थालयों में नई तकनीकों का उपयोग होने लगा है जिसमें ई-लाइब्रेरी, लेन-देन प्रणाली, बार-कोड सिस्टम आदि के द्वारा पुस्तकालय संचालन होने लगा है। संचालन डॉ. प्रेमलता गांधी किया तथा धन्यवाद डॉ. घनश्याम सिंह भीण्डर ने दिया। कार्यशाला में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौडगढ़, राजसमन्द, सिरोही जिलों के पुस्तकालय अध्यक्ष भाग ले रहे है।
