हरियाणा के 140 महाभ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों की लिस्ट तैयार ! बिना रिश्वत लिए नहीं कर रहे कोई काम
Udaipur Times, Haryana News, पंचकूला : हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के प्रमुख अरशिन्दर सिंह चावला ने बुधवार को पंचकूला स्थित ब्यूरो मुख्यालय में सभी रेंजों के पुलिस अधीक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति तय की गई तथा भ्रष्टाचार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई, आधुनिक तकनीक के उपयोग, शिकायतकर्ताओं के विश्वास को मजबूत करने, विभिन्न रेंजों के प्रदर्शन और जनसहभागिता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
140 महाभ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लिस्ट तैयार
बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री चावला ने बताया कि ब्यूरो ने पूरे प्रदेश में ऐसे 140 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान कर सूची तैयार की है, जिनके बारे में लगातार शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि वे बिना रिश्वत लिए सरकारी कार्य नहीं करते। उन्होंने इस सूची बारे कहा कि यह सूची किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनता को राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सूची पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से तैयार की गई है। यदि किसी रेंज के अधिकारियों के पास ऐसे अन्य भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जानकारी है, तो वे एक सप्ताह के भीतर सूची को अपडेट कर मुख्यालय भेजें, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। श्री चावला ने कहा कि ब्यूरो का उद्देश्य केवल रिश्वतखोरों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि पूरे सरकारी तंत्र में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को इस लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना होगा।
शिकायतकर्ता ही ब्यूरो की सबसे बड़ी ताकत, उनका विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता
श्री चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में शिकायतकर्ता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिकायतकर्ता ब्यूरो की रीढ़ हैं और उनके विश्वास पर ही हमारी पूरी कार्यप्रणाली आधारित है। यदि कोई व्यक्ति साहस दिखाकर भ्रष्टाचार की शिकायत करता है, तो उसकी सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान सुनिश्चित करना ब्यूरो का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखें, समय-समय पर उनसे मिलें तथा ट्रैप कार्रवाई से लेकर न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाने तक प्रत्येक स्तर पर उनकी सहायता करें। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता को यह भरोसा होगा कि ब्यूरो उसके साथ खड़ा है, तो अधिक से अधिक नागरिक भ्रष्टाचार के विरुद्ध आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रैप की सफलता केवल आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने तक सीमित नहीं होती, बल्कि दोषियों को सजा दिलाना भी उतना ही आवश्यक है।
जनवरी 2022 से जून 2026 तक 92 ट्रैप/रेड, भ्रष्टाचारियों पर लगातार कार्रवाई
बैठक में ब्यूरो की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 तक ब्यूरो ने कुल 92 ट्रैप/रेड की हैं। इन अभियानों में अनेक भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। श्री चावला ने कहा कि प्रत्येक सफल ट्रैप आम नागरिकों के मन में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाता है तथा यह संदेश देता है कि भ्रष्टाचार करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता।
भ्रष्टाचार सरकारी व्यवस्था को दीमक की तरह खोखला करता है, सरकार की मंशा है कि भ्रष्टाचारियों के मन में कानून का डर पैदा करना जरूरी- श्री चावला
ब्यूरो प्रमुख ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी एवं कर्मचारी दीमक की तरह सरकारी व्यवस्था को अंदर से खोखला करते हैं। ऐसे लोगों के कारण आम नागरिकों का सरकार और प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्रवाई करते समय किसी भी आरोपी का पद, रैंक, प्रभाव अथवा सामाजिक पहचान नहीं देखी जाएगी। कानून की नजर में सभी समान हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। श्री चावला ने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि भ्रष्टाचार करने वालों के मन में कानून का भय होना चाहिए। उन्होंने कहा, "यदि प्रतिदिन प्रदेश में एक भी भ्रष्ट अधिकारी या कर्मचारी रंगे हाथ पकड़ा जाता है तो उसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। इससे अन्य लोग भी रिश्वत लेने से पहले कई बार सोचेंगे और सरकारी व्यवस्था में स्वतः सुधार आएगा।"उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई में गति, गोपनीयता और दक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
2 से 5 लाख रुपये की रिश्वत के मामलों में सफल ट्रैप करने वालों को मिलेगा क्लास-1 सर्टिफिकेट
अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से श्री चावला ने घोषणा की कि जो अधिकारी 2 लाख या उससे ज़्यादा राशि की रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करेंगे, उन्हें 'क्लास-1 सर्टिफिकेट’ देकर सम्मानित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा ताकि पूरी टीम अधिक उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करे।
ट्रैप कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक पर जोर
बैठक में ट्रैप कार्रवाई के दौरान हाई-टेक उपकरणों और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल दिया गया।श्री चावला ने बताया कि ब्यूरो द्वारा अत्याधुनिक उपकरण सभी रेंजों एवं इकाइयों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे स्वयं इन उपकरणों का उपयोग करें और उनकी कार्यप्रणाली को भली-भांति समझें।उन्होंने बताया कि शीघ्र ही कुछ नए आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे, जिससे ट्रैप कार्रवाई और अधिक सटीक, सुरक्षित एवं प्रभावी बनाई जा सकेगी।
टोल-फ्री नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश
श्री चावला ने सभी रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल-फ्री नंबरों- 1800-180-2022 तथा 1064 , शिकायत हेल्पलाइन तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों तथा अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आम नागरिक आसानी से भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकें।उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने से अधिक लोग आगे आएंगे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप मिलेगा।
उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश
उन्होंने सभी रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में उपायुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखें, क्योंकि उनके पास भ्रष्टाचार से संबंधित अनेक शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं।उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान निरंतर प्रभावी बना रहे।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किया सम्मानित
बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वर्ण एवं रजत पदकों से सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया गया जिन्होंने वर्ष 2026 के प्रथम छह माह में 10 सफल ट्रैप/रेड को अंजाम देकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों में सीडीसी/इंस्पेक्टर जगजीत (1241/SPT), एसवी एंड एसीबी भिवानी, एएसआई रीनू (1581/SPT), हेड कांस्टेबल नवीन कुमार (2034/RTK), ई/एएसआई सुखविंदर (54/NNL) तथा ई/हेड कांस्टेबल दिनेश (2002/SPT) शामिल हैं।
इसी प्रकार रजत पदक उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया गया जिन्होंने वर्ष 2026 के प्रथम छह माह में 5 से अधिक सफल ट्रैप/रेड को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों में इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन (एसवी एंड एसीबी नारनौल), एएसआई नवीन (882/FBD), एएसआई जितेंद्र (619/GGM), ई/हेड कांस्टेबल एजाज (4/354 HAP) तथा कांस्टेबल सचिन (3239/FBD) शामिल हैं।
सम्मान समारोह के दौरान श्री चावला ने सभी सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी कार्यनिष्ठा, साहस और ईमानदारी अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि ब्यूरो में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को समय-समय पर सम्मानित किया जाता रहेगा, ताकि पूरी टीम भ्रष्टाचार के विरुद्ध और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
"जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है-श्री चावला"
बैठक के अंत में श्री चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह केवल कानूनी अभियान नहीं, बल्कि जनता का विश्वास जीतने का अभियान है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है और ब्यूरो भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के प्रमुख अरशिन्दर सिंह चावला पंचकूला स्थित ब्यूरो मुख्यालय में आयोजित प्रदेशस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए। बैठक में ब्यूरो की सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
