जीवन को गंभीरता पूर्वक जिओ, प्रतिभा खिलेगी: सौभाग्य मुनि
श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि ने कहा कि गहरे समुद्र में रत्न पाये जाते हैं। जीवन को भी यदि गहराई के साथ जीएं तो हमें प्रतिभा के रत्न मिलेगे। मानव की चेतना अनेक विशिष्टताओं का भंडार है। दु:ख की बात यह है कि हम उन्हें प्रकट नहीं कर पाते।
श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि ने कहा कि गहरे समुद्र में रत्न पाये जाते हैं। जीवन को भी यदि गहराई के साथ जीएं तो हमें प्रतिभा के रत्न मिलेगे। मानव की चेतना अनेक विशिष्टताओं का भंडार है। दु:ख की बात यह है कि हम उन्हें प्रकट नहीं कर पाते। दुनियादारी की छोटी छोटी बातों से प्रभावित होकर हम तत्काल उधर बह जाते है यह एक मानसिक व्याधि है। इस तरह क्रमश: व्यक्ति परचालित यन्त्र की तरह बन जाता है। वे शनिवार को पंचायती नोहरा में आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित कर रहे थे।
स्व निर्णय की स्थिति कुंठित हो जाती है। मानव के पास स्व निर्णय की विशेषता है यही तो जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है यदि मानव इस उपलब्धि को ही खो बैठे तो फिर वह तो पशुवत ही हो गया। उन्होंने कहा कि हम सुनी सुनाई बात पर यदि कोई धारणा बना लेते है तो अनेक बार वह धारणा गलत सिद्ध हो जाती है। हमें घटना कि गहराई तक पहुचना चाहिये। अनेक पहलु से उसे आंकना चाहियें। हो सकता है आपने जो सुना वह गलत हो या अल्प को भी बहुत बढ़ा चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया हो।
मुनि श्री ने बताया कि यह विश्व अनेक उलझनो से भरा हुआ है। सभी की अलग अलग पृष्ट भूमि होती है। हमें सभी का ज्ञान नही होता अत: अनेंक बाते तो ऐसी होती है जिन्हे केवल सुन लेना पढ़ लेना चाहिये। कोई धारणा बनाना आवश्यक नही होता। विशाल विश्व में कुछ उपादान और कतिपय तथ्य ही अपने लिये उपयोगी होते है। उन्हें ही ग्रहण करें निरर्थक का परित्याग कर दे। सचमुच हम ऐसे पहाड पर बैठे है जहां कंकरो के तो ढ़ेर है किन्तु रत्न यहा ढूढऩे पर ही मिल पाते है। हमें सद्गुण रूपी रत्न ही ढुढ़ लेने चाहिये।
कंकर गिनने से लाभ ही क्या ? मुनि जी ने कहा कि जीवन के संदर्भ में हम जितना अधिक गंभीर बनकर जिएगे उतने ही हम श्रैष्ठ विचार और व्यवहार से अलंकृत होते चले जायेगे। जीवन जीने की यही सच्ची कला है। हम कला पूर्ण जीवन जीएं तभी हम इसे सार्थक कर पाएगें। संचालन हिम्मत जी बड़ाला ने किया व स्वागत करते हुए अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार डांगी ने बताया किरविवार को सौभाग्य मुनि महाराज के पंचायती नोहरे में सानिध्य में धर्म परिषद का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।