हरियाणा में बनेगा लोकल ऑडिट एक्ट 2026, जाने इसका उद्देश्य ?

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हरियाणा में बनेगा लोकल ऑडिट एक्ट 2026, जाने इसका उद्देश्य ?

Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट मीटिंग में हरियाणा लोकल ऑडिट एक्ट, 2026 के ड्राफ्ट को मंज़ूरी दी गई। प्रस्तावित एक्ट का उद्देश्य राज्य में सभी लोकल अथॉरिटी और दूसरी अथॉरिटी बॉडी, इंस्टीट्यूशन और फंड के लिए एक प्रभावी और कुशल ऑडिट कानून बनाना है तथा इससे या इनसे जुड़े मामलों के लिए भी प्रावधान करना है।

कई राज्यों के लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट (जिसे लोकल फंड डिपार्टमेंट भी कहा जाता है) के अपने अधिनियम और नियम हैं। जैसे, तमिलनाडु लोकल फंड ऑडिट एक्ट, 2014, तमिलनाडु लोकल फंड ऑडिट रूल्स, 2016, गुजरात लोकल फंड ऑडिट एक्ट, 1963, गुजरात लोकल फंड ऑडिट रूल्स, 1974, केरल लोकल फंड ऑडिट एक्ट, 1994 आदि।

भारत के दूसरे राज्यों के लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट के एक्ट/रूल्स और लोकल फण्ड डिपार्टमेंट हरियाणा के कामकाज को देखते हुए सभी लोकल अथॉरिटी और दूसरी अथॉरिटीज, बॉडी या इंस्टीट्यूशन और उनसे जुड़े फंड और मामलों के लिए प्रभावी और कुशल ऑडिट सिस्टम बनाने के लिए विभाग को एक एक्ट तैयार करने की भी ज़रूरत है।

एक खास लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट एक्ट बनाने का मुख्य उद्देश्य एक मज़बूत कानूनी ढांचा तैयार करना है जो लोकल ऑडिट डिपार्टमेंट को लोकल बॉडी और दूसरे लोकल फंड वाली इंस्टीट्यूशन का स्वतन्त्र रूप और प्रभावी करने का अधिकार देता है। ऑडिटर के सामने रिकॉर्ड पेश करने के लिए मजबूर करने या जवाबदेही तय करने हेतू मज़बूत कानूनी शक्तियों की ज़रूरत है। लोकल अथॉरिटीज़ को यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी सिस्टम बनाना है तकि ऑडिट पैरा का तय समय में जवाब दें सके।

यह अधिनियम लोकल ऑडिट के डायरेक्टर को वितिय गड़बड़ियों के लिए सीधे ज़िम्मेदार लोगों को सरचार्ज नोटिस जारी करने का कानूनी अधिकार देगा। यह एक्ट ऑडिट फ्रेमवर्क को लोकल पॉलिटिकल या एडमिनिस्ट्रेटिव दखल से बचाने के लिए कानूनी सपोर्ट देगा। यह राज्य विधानसभा को सालाना ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के लिए कानूनी समय सीमा तय करता है, जिससे पारदर्शी सुनिश्चित होती है।

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