ऑनलाइन कार्यक्रम में गूंजे गीतों के तरानें

उदयपुर की कलाकार उर्वशी सिंघवी की संगीतमय गानों की प्रस्तुति

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सृजन द स्पार्क द्वारा आयोजित की जा रही फेसबुक ऑनलाइन कार्यक्रम की श्रृंखला

उदयपुर। सृजन द स्पार्क द्वारा आयोजित की जा रही फेसबुक ऑनलाइन कार्यक्रम की श्रृंखला के तहत आज 146 वें एपिसोड में उदयपुर की कलाकार उर्वशी सिंघवी की संगीतमय गानों की प्रस्तुति हुई।

इस अवसर पर उर्वशी ने संगीतमय शाम का आगाज उस्ताद अहमद हुसैन-मोहम्मद हुसैन की एलबम श्रद्धा की गणपति स्तुति गाइए गणपति जगवंदन ....से किया। इसके अलावा  अजनबी कौन हो तुम...,  जरा सी आहट होती है...., कुछ तुम सोचो कुछ हम सोचें....., ये दिल और उनकी निगाहों के साएं.......,गज़ल सम्राट जगजीत सिंह की ग़ज़लों की मेडले,  फिर छिड़ी रात बात फूलों की.... तुम बिन जिया जाए कैसे..... ये मुलाकात एक बहाना है..... बैया ना धरो.....  हम आपके हैं कौन......नए पुराने गीतों का एक फ्यूजन,  बहारों मेरा जीवन भी सवारों.....  और अंत में नाम गुम जाएगा चेहरा यह बदल जाएगा आदि सदाबहार नग्मों की प्रस्तुति कर उर्वशी ने दर्शकों को अपनी सुमधुर आवाज से अंत तक बांधे रखा।

इस अवसर पर सृजन द स्पार्क उदयपुर के अध्यक्ष राजेश खमेसरा ने बताया कि इस कार्यक्रम को देश विदेश में लगभग 17000 लोगों ने देखा व 40000 लोगों तक यह कार्यक्रम पहुंचा। कार्यक्रम संयोजक दिनेश कटारिया ने बताया सृजन द स्पार्क गत 1 वर्ष में इन कार्यक्रमों के माध्यम से 30 लाख लोगों तक अपनी पंहुच बना चुका है। 

मानद सचिव किशोर पाहुजा ने बताया कि  उदयपुर में विश्व स्तर की संगीत अकादमी स्थापित की जा रही है, संस्था के मुख्य संरक्षक आईपीएस प्रसन्न खमेसरा के मार्गदर्शन में यह संस्थान संगीत के क्षेत्र में अब तक 16 शाखाएं देश और विदेश में कायम कर चुका है। सृजन एपेक्स के अध्यक्ष जी. आर. लोढ़ा व उपाध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पूरे विश्व में 50 शाखाएं खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

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