महाराणा प्रताप जयन्ती समारोह का गवरी चौराहे पर आगाज
प्रताप जयन्ती के सात दिवसीय समारोह का आज भव्य आगाज आलोक संस्थान और आलोक इन्टरेक्ट क्लब द्वारा गवरी चौराहे पर महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा के भव्य लोकार्पण एवं अनावरण व महाआरती के साथ आगाज हुआ।

प्रताप जयन्ती के सात दिवसीय समारोह का आज भव्य आगाज आलोक संस्थान और आलोक इन्टरेक्ट क्लब द्वारा गवरी चौराहे पर महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा के भव्य लोकार्पण एवं अनावरण व महाआरती के साथ आगाज हुआ।
उक्त जानकारी आलोक संस्थान के निदेषक एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रदीप कुमावत ने स्वागत भाशण देते हुए बताया कि इस अवसर पर महाराणा प्रताप को पुश्पांजलि तथा आगाज कर आह्वाहन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर निगम महापौर चन्द्रसिंह कोठारी थे जबकि विषिश्ट अतिथि तेजसिंह बांसी, बी.एस.कानावत, प्रेमसिंह षक्तावत, नारायण सिंह, राजेन्द्र सिंह षक्तावत, कमलेन्द्र पँवार, एम.के. गर्ग थे जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता ष्यामलाल कुमावत ने की।
इस अवसर पर अतिथियों ने सर्वप्रथम महाराणा प्रताप की आदमकद मूर्ति का अनावरण किया गया जिसका आलोक संस्थान द्वारा निर्माण करवाया गया तथा जिसकी चल प्रतिश्ठा की गई है।
इस अवसर पर पारम्परिक खड्ग पूजन (षस्त्र पूजन) किया गया। हल्दीघाटी युद्धकालीन प्राचीन खड्ग को इस अवसर पर विषेश रूप से पूजन हेतु लाया गया। जिसका उपयोग महाराणा प्रताप फिल्म में भी किया गया था। उदयपुर के सिकलीगर परिवार से प्राप्त ये खड्ग प्रतिवर्श प्रताप जयन्ती पर पूजन हेतु निकाली जाती है।
इस अवसर पर आलोक संस्थान ने जनजातीय क्षेत्र एव भीलों के कल्याण के लिए कार्य करने वाले व्यक्ति को प्रतिवर्श राणा पूंजा सम्मान देने की घोशणा की उसके अन्तर्गत आज पहला सम्मान पूर्व सांसद महावीर भगोरा को आज यहां गवरी चौराहे पर प्रदान किया गया। इस अवसर पर महावीर भगोरा को महाराणा प्रताप की प्रतिमा, अभिनन्दन पत्र, षॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।
इस सम्मान के अवसर पर श्री चन्द्रसिंह कोठारी ने षॉल ओढ़ाया, श्री तेजसिंह बांसी ने पगड़ी पहनाई, श्री ष्यामलाल कुमावत ने मोमेन्टो भेंट किया, श्री बी.एस.कानावत ने नारियल भेंट किया तथा डॉ. प्रदीप कुमावत ने सम्मान-पत्र प्रदान किया।
इव अवसर पर डॉ. कुमावत ने कहा कि प्रतिवर्श जनजातीय क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। इससे पूर्व आलोक संस्थान की ओर से निष्चय कुमावत, षषांक टांक, मनमोहन भटनागर ने महाआरती की ऑडियो सीडी की एक-एक कॉपी सभी अतिथियों को भेंट की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने कहा कि प्रताप जननायक ही नहीं विष्व नायक हैं और विष्व नायक बनाने में मेवाड़ की महत्वपूर्ण भूमिका तो रही ही है साथ ही आज जन-जन के बीच में जो प्रताप का स्थान है वह उन्हें महानायक बनाता है।
इस अवसर पर तेजसिंह बांसी ने कहा कि प्रताप को केवल हम हृदय में बसा कर उनसे प्रेरणा पा सकते हैं यही हमारे लिए पर्याप्त है।
इस अवसर पर श्री बी.ए.कानावत ने कहा कि महाराणा प्रताप पर फिल्म बनाकर जो अभूतपूर्व कार्य डॉ. प्रदीप कुमावत ने किया है अब हम सबका दायित्व बनता है कि इसको सारे राश्ट्र ही नहीं पूरे विष्व में पहुँचाया जाए।
श्री महावीर भगोरा ने डॉ. कुमावत का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। आपने डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा यह सम्मान प्रारम्भ करने का स्वागत किया। आलोक स्कूल हिरण मगरी के उपप्राचार्य षषांक टांक ने श्री महावीर भगोरा के सम्मान पत्र का वाचन किया।
डॉ. कुमावत ने इस अवसर पर कहा कि प्रताप वन्दनीय है और पूजनीय है इसलिये उनकी जयन्ती र आरती करना प्रासंगिक ही नहीं वरन् प्रेरणादायी है। उक्त विचार आज यहाँ राणा पूंजा सम्मान समारोह के अवसर पर षिक्षाविद्, समाजसेवी और प्रताप फिल्म के निर्माता-निर्देषक डॉ. प्रदीप कुमावत ने महाआरती की ऑडियो सीडी जन लोकार्पण करते हुये कहें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक संस्थान के चेयरमेन ष्यामलाल कुमावत ने की। उन्होंने कहा कि इस परम्पराओं की पुर्नस्थापना में आलोक सदा अग्रणी रहा है और आगे भी हम इसी तरह समाज के प्रति उत्तरदायित्व का निर्वहन करते रहेंगे।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि प्रताप जयन्ती के आगाज को अति भव्य बनाने के लिये इस आरती में स्थानीय कलाकारों ने स्वर दिये है जबकि मनमोहन भटनागर ने मुख्य स्वर देते हुए इसका संगीत संयोजन किया है। आलोक ऑडियो विजूअल प्रा.लि. के सहयोग से मल्टीट्रेक रिकोर्डिंग कर इस आरती को तैयार किया गया।
इस अवसर पर महाराणा प्रताप की भव्य मूर्ति के समक्ष उपस्थित अतिथियों एवं जन समुदाय द्वारा 1100 दीपकों से महा आरती की गई। अन्त में पुश्पांजलि अर्पित की गई।
आभार संस्थान के तकनीकी निदेषक निष्चय कुमावत द्वारा दिया गया।