मकरविलक्कू पूजा समारोह 2013
श्री अय्यप्पा सेवा समिति उदयपुर के तत्वाद्दान में मकर विलक्कु पूजा पर्व के अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक समारोह श्री अय्यप्पा मंदिर में 13 एवं 14 जनवरी 2013 को इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा ।
श्री अय्यप्पा सेवा समिति उदयपुर के तत्वाद्दान में मकर विलक्कु पूजा पर्व के अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक समारोह श्री अय्यप्पा मंदिर में 13 एवं 14 जनवरी 2013 को इस वर्ष भी हर्षोल्लास के साथ मनाया जायेगा ।
13 जनवरी 2013 रविवार तड़के पल्ली उणर्तल के साथ निर्माल्य दर्शनं अय्यप्प सुप्रभातं हरिनामकीर्तनं गणपति होमंम(हवन उषापूजा एवं उच्चपूजा आदि होंगे । सायं 4 बजे मंदिर प्रांगण से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसमें सुसजिजत रथ गज-मस्तक पर भगवान अय्यप्पा की पीत-वर् छवि( तड़म्ब तीवेट्टी तालप्पोली केरला से आये अनेक पारम्परिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विविध संगीत मय वाध्य-यंत्र-मेलम एवं वेशभूषादि शामिल होगें। जिसमें श्री सत्यन एण्ट पार्र्टी स्वाती आर्टस कोट्टयम द्वारा प्रस्तुत चेण्डमेलम, कावडियाêम मय मयूरनृत्यम इत्यादि सुशोभित होगें ।
शोभा यात्रा का मार्ग मंदिर प्रांगण से लोक कला मण्डल चेतक सर्कल हाथीपोल दिल्लीगेट टाउन हाल सूरजपोल बापु बाजार कोर्ठ चौराया हनुमान मंदिर होती हुर्इ रात 8.30 बजे पुन मंदिर प्रांगण पहुंचेगी। शोभा यात्रा को जगह- जगह पर स्वागत किया जाएगा। इस मौके पर आतिशबाजी के आकर्षक कार्यक्रम के पश्चात् नैवेध्यम रात 8:45 बजे महा-दीपाराद्दना( पूर्ण- आरती तथा सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ पहले दिन का कार्यक्रम सम्पन्न होगी ।
14 जनवरी 2013 सोमवार तड़के पांच बजे पल्ली उणर्तल के साथ दूसरे दिन के धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे जिसमें निर्माल्य दर्शनं अय्यप्पा सुप्रभातं हरिनामकीर्तनं गणपति होमंम (हवन) उषापूजा पूर्णाभिषेकम( अष्ठाभिषेकम एवं खासकर नैय्यभिषेकम (घी-अभिषेक सहस्रनामार्चना कलशपूजा उच्चपूजा के बाद दिन में सामूहिक प्रसाद के तहत अन्नदानम वितरण होंगे । सायं 6 00 बजे से निरमाला दीपाराद्दना निरापरा भगवतिसेवा पुष्पाभिषेकम भजन-कीर्तन चेण्डमेलम कावडियाêम मय मयूरनृत्यम, की प्रस्तुति होगी। मंदिर प्रांगण को भव्य रोÓनी एवं दीपकों तथा फूल मालाओं से सजाया जायेगा। अंत में नैवेध्यम तथा रात्री 9: 00 बजे महा-दीपाराद्दना (पूर्ण-आरती आतिशबाजी के साथ इस महा पर्व का कार्यक्रम सम्पन्न होगा ।
उल्लेखनीय है कि पशिचम घाट केरला में शबरिमला पर्वत पर सिथत श्री अय्यप्पा भगवान (हरि- हर पुत्र-कलियुगवरदन) के दर्Óनार्थ सभी देशो से लाखों की तादात में दर्शनार्थी कर्इ दिनों की वृत लेकर महा पर्व में पहुँचते हैं।