सरल जीवन को मनुष्य ही बनाता है मुश्किलः सुप्रकाशमति माताजी
राष्ट्रसंत गणिनी आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी के सानिध्य में बलीचा स्थित ध्यानोदय क्षेत्र में चल रहे चातुर्मास में जारी 48 दिवसीय भक्तामर विधान के तहत आज आदिनाथ भगवान की विशेष आराधना हुई। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को बहुत ही सरल जीवन दिया है लेकिन मनुष्य ने उसे ही गलत तरीके अपनाकर बहुत मुश्किल बना दिया है। प्रत्येक व्यक्ति प्रसन्न रहना,रचनात्मक व क्रियाशील होना चाहता है लेकिन आनन्द पाने के लिये मनुष्य कुछ नहीं करता है। उन्होेंने कहा कि यह मनुष्य जीवन एक बार मिलता है इ
राष्ट्रसंत गणिनी आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी के सानिध्य में बलीचा स्थित ध्यानोदय क्षेत्र में चल रहे चातुर्मास में जारी 48 दिवसीय भक्तामर विधान के तहत आज आदिनाथ भगवान की विशेष आराधना हुई। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में कहा कि ईश्वर ने मनुष्य को बहुत ही सरल जीवन दिया है लेकिन मनुष्य ने उसे ही गलत तरीके अपनाकर बहुत मुश्किल बना दिया है। प्रत्येक व्यक्ति प्रसन्न रहना,रचनात्मक व क्रियाशील होना चाहता है लेकिन आनन्द पाने के लिये मनुष्य कुछ नहीं करता है। उन्होेंने कहा कि यह मनुष्य जीवन एक बार मिलता है इसलिये जीवन में जो भी लक्ष्य निर्धारित करें उसे पूरी ईमानदारी के साथ पूरा करे।
अखिल भारतीय सुप्रकाश ज्योति मंच के कार्याध्यक्ष ओमप्रकाश गदोवत ने बताया कि रविवार को दोपहर 3.30 बजे वृह्द स्तर पर भक्तामर महाकाव्य की आराधना तथा 4 बजे माताजी का सुखमय जीवन पर विशेष प्रवचन होगा। सांय साढ़े 6 बजे चालीसा, आरती, गुरूवन्दना, प्रश्नमंच आदि कार्यक्रम आयोजित होंगे।
