2656 करोड़ से एलिवेटेड रोड समेत कई बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी ! जाने सरकार का मास्टर प्लान ?
Udaipur Times, New Delhi : गाजियाबाद शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गाजियाबाद में कई बड़ी विकास परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इनमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, एलिवेटेड रोड, हिंडन मल्टी-मॉडल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब, साइबर हब और तुलसी निकेतन का पुनर्विकास शामिल है। इन परियोजनाओं पर केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड के तहत करीब 2,656 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गाजियाबाद में खेल सुविधाओं के साथ-साथ सड़क, व्यापार, आईटी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजनगर एक्सटेंशन में मिली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को मंजूरी
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। इसे गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) मिलकर बनाएंगे।
यह परियोजना पीपीपी मॉडल पर करीब 33 एकड़ जमीन में विकसित होगी। प्रस्तावित स्टेडियम में लगभग 45 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। जमीन, निर्माण और संचालन में GDA और UPCA की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। इस परियोजना पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
स्टेडियम बनने के बाद गाजियाबाद में बड़े क्रिकेट मुकाबलों के आयोजन का रास्ता खुल सकता है। इससे आसपास के क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
घंटाघर से भाटिया मोड़ तक मिली एलिवेटेड रोड को मंजूरी
शहर में ट्रैफिक की समस्या कम करने के लिए जीटी रोड पर घंटाघर से भाटिया मोड़ के बीच चार लेन की एलिवेटेड रोड बनाने की योजना है। करीब 2 किलोमीटर लंबी इस एलिवेटेड रोड पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच आने-जाने में भी सुविधा बढ़ेगी।
हिंडन मल्टी-मॉडल कॉरिड़ोर कनेक्टिविटी करेगा मजबूत
गाजियाबाद की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए हिंडन मल्टी-मॉडल कॉरिडोर को भी मंजूरी मिली है। इसके लिए करीब 190 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी कार्य किए जाएंगे। एलिवेटेड रोड पर इंदिरापुरम से प्रवेश और वसुंधरा में निकास के लिए रैंप बनाए जाएंगे। इसके अलावा सिद्धार्थ विहार को ट्रांस हिंडन क्षेत्र से जोड़ने के लिए हिंडन बैराज के पास चार लेन का पुल बनाने की योजना है।
कनावनी में रोटरी गोल चक्कर बनाकर आसपास के मार्गों को आपस में जोड़ने का भी प्रस्ताव है। इन कामों से शहर के दोनों हिस्सों के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
तुलसी निकेतन का होगा बड़ा कायाकल्प
तुलसी निकेतन के पुनर्विकास पर भी बड़ा निवेश किया जाएगा। करीब 7.83 हेक्टेयर क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मिक्स्ड-यूज री-डेवलपमेंट योजना के तहत क्षेत्र को नए सिरे से विकसित किया जाएगा।
मौजूदा परिसर में 2,004 EWS और 288 LIG फ्लैट हैं। कुल मिलाकर यहां करीब 2,292 फ्लैट और 60 दुकानें संचालित हैं। अब यहां बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 405 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
गालंद मे लॉजिस्टिक हब को मिली मजूरी
गाजियाबाद से सटे हापुड़ के गालंद गांव में करीब 33 एकड़ जमीन पर लॉजिस्टिक हब विकसित करने की तैयारी है। पहले यहां वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट लगाने की योजना थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बाद अब इस जमीन का इस्तेमाल लॉजिस्टिक हब के लिए किया जाएगा।
लॉजिस्टिक हब विकसित होने से माल के भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे आसपास के क्षेत्र में रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक में बनेगा शहर का पहला साइबर हब
आईटी और स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए क्रॉसिंग रिपब्लिक में गाजियाबाद का पहला साइबर हब विकसित किया जाएगा। यहां स्टूडियो फ्लैट के साथ आईटी कंपनियां, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर, डेटा सेंटर और स्टार्टअप ऑफिस जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस परियोजना का उद्देश्य शहर में टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। शहर में कारोबार और नए उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए अर्बन को-वर्किंग एवं कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट की योजना भी शामिल है। इस पर करीब 43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस तरह गाजियाबाद में खेल, परिवहन, आवास, लॉजिस्टिक्स और आईटी—कई क्षेत्रों में एक साथ विकास कार्य किए जाने की तैयारी है।
पांच शहरों के लिए रु7,452 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में सिर्फ गाजियाबाद ही नहीं, बल्कि लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी की विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। इन पांच शहरों की विभिन्न परियोजनाओं पर कुल करीब 7,452 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है।
लखनऊ में वरुण विहार आवासीय योजना और कैलाश कुंज ट्रांजिट ओरिएंटेड कमर्शियल कॉम्प्लेक्स जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं वाराणसी में आनंद काशी अर्बन ग्रोथ परियोजना को मंजूरी दी गई है।
जाने गाजियाबाद के लिए क्यों अहम हैं ये परियोजनाएं?
एक साथ कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने से गाजियाबाद में कनेक्टिविटी, रोजगार, खेल सुविधाओं, आईटी, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर हिंडन कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाएं शहर के भीतर आवाजाही को आसान कर सकती हैं, जबकि साइबर और लॉजिस्टिक हब नए कारोबारी निवेश को आकर्षित कर सकते हैं।
अगर परियोजनाएं तय समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में गाजियाबाद की शहरी तस्वीर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जो गजयाबाद को मॉडर्न सिटी के रूप नई पहचान देगा
