कलेक्ट्री के सामने कई प्रदर्शन
आज कलेक्ट्री के सामने कई प्रदर्शन हुए, सुबह से शाम तक नारे बाज़ी और ज्ञापनो का दौर रहा; एक तरफ विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में हुए धार्मिक यात्रा पर रोक के मामले में प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर आसाराम बापू के खिलाफ जम कर नारेबाज़ी हुई आंगनवाडी कर्मियों ने भी राज्य कर्मचारी घोषित करने के बाबत प्रदर्शन किया।

आज कलेक्ट्री के सामने कई प्रदर्शन हुए, सुबह से शाम तक नारे बाज़ी और ज्ञापनो का दौर रहा; एक तरफ विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने अयोध्या में हुए धार्मिक यात्रा पर रोक के मामले में प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर आसाराम बापू के खिलाफ जम कर नारेबाज़ी हुई आंगनवाडी कर्मियों ने भी राज्य कर्मचारी घोषित करने के बाबत प्रदर्शन किया।
विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओ ने कलेक्ट्री के सामने इकट्ठा इक्कठा हो कर प्रशाशन के खिलाफ नारेबाजी की।
परिषद के कार्यकर्ताओ ने बताया की संतो के 11 सदस्यीय मंडल ने 17 अगस्त को मुलायम सिह और उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव से चर्चा कर तय किया था कि धार्मिक यात्रा में कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया जायेगा,यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगी, लेकिन दुसरे दिन यात्रा को रोकने के आदेश जारी कर दिये।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि संतो पर हो रहे अत्याचार का जल्द से नहीं रोका गया और यात्रा को दोबारा यथावत चालू नहीं किया गया तो इसी तरह हम लड़ते रहेगे।
आंगनवाडी कर्मचारियों ने बताई परेशानियां
दूसरी तरफ आंगनवाडी कर्मचारी संघ ने मुख्य मंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ नारे लगाए व् जिला कलेक्टर को मुख्य मंत्री के नाम से ज्ञापन सौंपा।
आंगनवाडी कर्मचारी संघ,जिलाध्यक्ष गीता शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओ पर लम्बे समय से राज्य सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
राज्य सरकार से हमारी मांगे है कि आशासहयोगिनियो को एक विभाग में किया जाए, कर्मचारी सेवा समाप्ति पर पेंशन दी जाए ,अनुभव के आधार पर कार्यकर्ताओ की भर्ती, आंगनवाडी कार्यकर्ताओ का मानदंड बढाया जाए और आंगनवाडी भवन का किराया बढाया जाए।
आसाराम बापू के खिलाफ आक्रोश
नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार के आरोपि आसाराम बापू के ऊपर लगे हुए रेंप केस के आरोपों को जोधपुर पुलिस के वापस लेते ही उदयपुर शहर के महिला अत्याचार विरोधी मंच के कार्यकर्ताओ ने कलेक्ट्री के सामने प्रशासन के खिला नारे बाजी कर धरना प्रदर्शन किया और जिला कलेक्टर आशुतोष पेडणेकर को ज्ञापन दिया।
संगठन के कार्यकर्ताओ ने कहा कि मामला नए बाल अधिकार सुरक्षा क़ानून 2012 (पोक्सो) के तहत दर्ज किया गया था जिसमे आरोपी को गिरफ्तार किया जाना था लेकिन राजस्थान सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाए गये।
एपवा की प्रदेश संयोजिका सुधा चौधरी ने कहा कि मानव की श्रद्धा का गला घोट कर धर्म की आड योन शोषण की कई घटनाए सामने आ रही हे, इसी वजह से सभी आश्रमों एवं मठों के प्रति असुरक्षा भाव उत्पन्न हो रहा है।यदि प्रशासन जल्द कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो महिला संगठन इस आंदोलन को और तेज़ करेंगे।


