बिना दहेज शादी, शगुन में लिया एक सौ एक रुपया और श्रीफल
उदयपुर में दहेज को अभिशाप मानते हुए दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने को लेकर सीकर जिले के दांतारामगढ़ के दांता कस्बे में एक परिवार ने सादगी से शादी कर एक अनूठी मिसाल पेश की हैं।

उदयपुर में दहेज को अभिशाप मानते हुए दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने को लेकर सीकर जिले के दांतारामगढ़ के दांता कस्बे में एक परिवार ने सादगी से शादी कर एक अनूठी मिसाल पेश की हैं।
दांता की आदर्श कॉलोनी के डॉ. अश्वनी खाण्डेकर पुत्र मदन लाल खाण्डेकर व जयपुर की डॉ. रीना वर्मा की शादी में किसी भी प्रकार का दहेज नहीं लिया गया, केवल शगुन के तौर पर एक सौ एक रुपया व श्रीफल के साथ कन्या को विदाई दी गई।
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दूल्हा डॉ. अश्वनी एमबीबीएस के बाद रविंद्र नाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज उदयपुर से रेडियोडायग्नोसिस विभाग में पीजी कर रहा हैं। वहीं दुल्हन डॉ. रीना वर्मा गीतांजलि मेडिकल कॉलेज उदयपुर से एमबीबीएस कर रही हैं। डॉ. अश्वनी के पिता मदन लाल खाण्डेकर अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में मीटर रीडर हैं।