Maruti Suzuki करेगी 77,500 करोड़ का निवेश ! जल्द लगाएगी नए प्लांट, जाने पूरा प्लान ?

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Maruti Suzuki करेगी 77,500 करोड़ का निवेश ! जल्द लगाएगी नए प्लांट, जाने पूरा प्लान ?

Udaipur Times, Maruti Suzuki Capex Plan : देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल Maruti Suzuki ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। कंपनी वित्त वर्ष 2027 से 2031 के बीच करीब 77,500 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (Capex) करने की तैयारी में है। इस भारी-भरकम निवेश का इस्तेमाल नए प्लांट लगाने, मौजूदा उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई कारों के विकास, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से जुड़े कामों पर किया जाएगा।

कंपनी के MD और CEO हिसाशी ताकेउची ने 31 अगस्त को आयोजित सालाना आम बैठक में कंपनी की भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। मारुति सुजुकी का फोकस सिर्फ उत्पादन बढ़ाने पर नहीं है, बल्कि बदलती ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के हिसाब से पेट्रोल, CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तैयार करने पर भी है।

FY27 में ही रु14,000 करोड़ खर्च करेगी कंपनी

मारुति सुजुकी ने पिछले वित्त वर्ष में पूंजीगत खर्च के तौर पर करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे। अब कंपनी वित्त वर्ष 2027 में इस खर्च को बढ़ाकर लगभग 14,000 करोड़ रुपये करने की योजना बना रही है।

कंपनी आने वाले पांच वर्षों में लगातार बड़े स्तर पर निवेश करेगी। इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ फैक्ट्री बनाने में नहीं होगा, बल्कि नई कारों के डिजाइन और डेवलपमेंट, रिसर्च, टेक्नोलॉजी, उत्पादन सुविधाओं और बिक्री नेटवर्क को मजबूत करने पर भी किया जाएगा।

सालाना 40 लाख कार बनाने का रखा है लक्ष्य

मारुति सुजुकी वर्तमान में अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ा रही है। हरियाणा के खरखौदा प्लांट के विस्तार और गुजरात के हंसलपुर प्लांट में चौथी उत्पादन लाइन शुरू होने के बाद कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 29 लाख यूनिट तक पहुंच गई है।

अब कंपनी का लक्ष्य इसे बढ़ाकर सालाना 40 लाख वाहन करने का है।

इसके लिए कंपनी अलग-अलग चरणों में नए प्लांट और प्रोडक्शन लाइनें लगाएगी। गुजरात के साणंद में भी नया प्लांट प्रस्तावित है। उत्पादन क्षमता बढ़ने से कंपनी को घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है।पांच साल में आएंगी 7 नई SUV 

भारतीय ऑटो बाजार में SUV की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में Maruti Suzuki अब SUV सेगमेंट में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में है।

कंपनी अगले पांच वर्षों में 7 नई SUV पेश करने की योजना बना रही है। इन नए मॉडल्स के जरिए कंपनी अलग-अलग कीमत और आकार वाले SUV सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है।

Maruti Suzuki के लिए यह रणनीति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय बाजार में ग्राहक धीरे-धीरे छोटी कारों के साथ-साथ SUV और ज्यादा फीचर वाली गाड़ियों की ओर बढ़ रहे हैं।

एक ही प्लांट में EV, Hybrid, CNG और पेट्रोल कारें

भविष्य की मांग को देखते हुए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं को ज्यादा फ्लेक्सिबल बनाने पर काम कर रही है।

कंपनी ऐसे प्लांट विकसित करने की योजना पर काम कर रही है, जहां जरूरत के हिसाब से इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, CNG और पेट्रोल-डीजल पावरट्रेन वाली गाड़ियों का उत्पादन किया जा सके।

इसका फायदा यह होगा कि बाजार में किसी एक तरह की कार की मांग बढ़ने पर कंपनी उत्पादन को तेजी से उस दिशा में बदल सकेगी। अलग-अलग पावरट्रेन के लिए पूरी तरह अलग उत्पादन लाइन बनाने की जरूरत भी कम हो सकती है।

EV पर भी बढ़ेगा Maruti Suzuki का फोकस

Maruti Suzuki इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी ने यूरोप में अपनी इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात शुरू किया है और अब EV से जुड़े कंपोनेंट्स का स्थानीय उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।

कंपनी भारत में ई-एक्सल का उत्पादन कर रही है। आगे बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले अन्य महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स को भी देश में बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर कंपोनेंट निर्माण बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम करने और उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

छोटी कारों की बिक्री में भी दिखी जोरदार बढ़ोतरी

SUV पर फोकस बढ़ाने के बावजूद Maruti Suzuki छोटी कारों के बाजार को नजरअंदाज नहीं कर रही है।

अप्रैल से जुलाई के बीच कंपनी की छोटी कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 63 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी करीब 83 फीसदी बताई गई है। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में लोगों की आय बढ़ने के साथ छोटी और किफायती कारों की मांग में भी सुधार हो सकता है। इसलिए मारुति इस सेगमेंट में नए और बेहतर प्रोडक्ट लाने पर फोकस बनाए रखेगी।

बढ़ती लागत भी बनी कम्पनी के सामने चुनौती

कंपनी के सामने बढ़ती लागत एक बड़ी चुनौती है। कच्चे माल और ऑटो पार्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भी कारोबार पर पड़ रहा है।

बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए कंपनी लागत कम करने और जरूरत के हिसाब से वाहनों की कीमतों में बदलाव करने की रणनीति अपना सकती है।

हालांकि कंपनी का फोकस यह सुनिश्चित करने पर रहेगा कि कीमतों में बढ़ोतरी का ग्राहकों की मांग और बिक्री पर बहुत ज्यादा नकारात्मक असर न पड़े।

सौर ऊर्जा क्षमता 211.3 MW तक बढ़ाने का रखा है लक्ष्य

Maruti Suzuki अपने उत्पादन के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी पर भी निवेश बढ़ा रही है।

कंपनी की अपनी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता वित्त वर्ष 2026 में करीब 79.1 मेगावाट थी। अब इसे वित्त वर्ष 2031 तक बढ़ाकर 211.3 मेगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है।

कंपनी के मुताबिक, इससे उसकी कुल बिजली जरूरत का करीब 35 फीसदी हिस्सा पूरा किया जा सकेगा। बाकी जरूरत के लिए सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं से हरित बिजली खरीदने की योजना है।

Maruti Suzuki के लिए क्यों खास है यह पूरा प्लान?

रु77,500 करोड़ का यह निवेश सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। कंपनी एक साथ कई मोर्चों पर तैयारी कर रही है।जैसे- SUV पोर्टफोलियो का विस्तार, EV और हाइब्रिड तकनीक, CNG वाहनों की मांग, छोटी कारों का बाजार, नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और ग्रीन एनर्जी।

अगर कंपनी की योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो अगले पांच वर्षों में Maruti Suzuki के पोर्टफोलियो और उत्पादन क्षमता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 40 लाख वाहन सालाना उत्पादन क्षमता और 7 नई SUV के लक्ष्य के साथ कंपनी भारतीय ऑटो बाजार में अपनी बादशाहत बनाए रखने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और नई पीढ़ी की कारों के सेगमेंट में भी अपनी स्थिति मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

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