जलियांवाला बाग़ में दिखेगा नरसंहार
उदयपुर। जलियांवाला बाग में अंग्रेजो द्वारा किये गये 100 वर्ष पूर्व नरसंहार की याद को शताब्दी वर्ष में पुनःताजा करते हुए आमजन को उस समय घटित घटना का आगामी 18 दिसंबर को लोककला मण्डल में जलियावाला बाग नाटक के रूप में मंचन किया जायेगा।
नाटक के डिजाईनर एवं निर्देशक टीवी एवं बाॅलीवुड कलाकार अशोक बांठिया ने बताया कि 13 अप्रेल 1919 में बैसाखी के दिन अग्रेंजो द्वारा लगाये गये रोलेट एक्ट के विरोध करते हुए पंजाब में मेला आयोजित करने के लिये एकत्रित हुए पंजाबियों पर जरनल डायर ने फायर का आदेश दे कर जबरदस्त नरसंहार किया था।
उस घटना को नाटक के रूप में तैयार कर जनता के सामने ला कर उस घटना को दिखानें करा प्रयास किया जायेगा ताकि जनता जान सकें कि भारत के इतिहास में वह दिन किस प्रकार घटित हुआ। सबसे बड़ी बात यह था कि उस घटना में मात्र 7 माह का बच्चा भी मौत के घाट उतार दिया गया था।
बांठिया ने बताया कि इस नाटक में उदयपुर के 28 कलाकारों ने भग लेकर इस नाटक को न केवल जीवंत किया वरन् अपनी प्रतिभा का भी परिचय दिया। नाटक का लेखन सूर्यप्रकाश ने, संगीत उदयपुर के डाॅ. प्रेम भण्डारी ने, कोरियोग्राफी मुबंई के कुलविंदर बक्शीश, मेकअप मुबंई के उलेश खण्डारे, कोस्ट्यूम माला डे.बांठिया, कला निर्देशन जयपुर के विनय शर्मा का है।
