उत्पाद के निर्माण में मेटीरियल की क्वालिटी और लागत सबसे महत्वपूर्ण
उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा इण्डियन इंस्टीटयूट ऑफ मटेरियल्स मैनेजमेंट के साझे में अशोक नगर स्थित विज्ञान समिति में जेड प्रमाणीकरण के बारे में जागरूकता लाने के उद्देश्य

‘‘यदि आपको 500 ग्राम का प्रोडक्ट तैयार करना है और आपने एक किलो लोहा कच्चे माल के रूप में ले रखा है एवं उसे छील रहे हैं तो सोचिए कि उत्पाद तैयार करने में आपका कितना श्रम एवं मैटेरियल वेस्ट जा रहा है।’’ उपरोक्त विचार श्री सुशील शर्मा ने जेड पर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किये।
उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा इण्डियन इंस्टीटयूट ऑफ मटेरियल्स मैनेजमेंट के साझे में अशोक नगर स्थित विज्ञान समिति में जेड प्रमाणीकरण के बारे में जागरूकता लाने के उद्देश्य से सेमिनार का आयोजन किया गया। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के विषय विशेषज्ञ श्री सुशील शर्मा ने आईआईएमएम के सदस्यों को ‘शून्य दोष’ शून्य प्रभाव (जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट-जेड)’ योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देकर केन्द्र सरकार की इस योजना का पूरा लाभ उठाने का आव्हान किया। श्री शर्मा ने कहा कि उत्पाद के निर्माण में 70 प्रतिशत भाग मटेरियल का होता है अतः उत्पाद की गुणवत्ता एवं लागत में मटेरियल्स मैनेजमेंट की भूमिका महत्त्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के आरंभ में आईआईएमएम, उदयपुर ब्रांच के चेयरमेन श्री अविनाश भटनागर ने सभी का स्वागत किया। यूसीसीआई के अध्यक्ष श्री वी.पी. राठी एवं सलाहकार श्री के.एस. मोगरा ने विचार रखे। सेमिनार में श्री मनोज स्वरूप, श्री पी.पी. भटटाचार्य, श्री एस.आर. तिवारी आदि सदस्यों सहित 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। संचालन श्रीमति मनीषा अग्रवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आईआईएमएम के सचिव श्री राजेश जैन ने किया।