जरूरतमंदों की निःशुल्क सेवार्थ बाराबंकी के लिए चिकित्सा दल रवाना
उत्तरप्रदेश के बाराबंकी के हंडियाकोल जंगल स्थित श्रीराम वन कुटीर आश्रम में जरूरतमंदों की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुरुवार को बीएन काॅलेज प्रांगण से रवाना रवाना हुआ। दल को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्द्र माहेश्वरी एवं नाथद्वारा के मुख्य समाधान अधिकारी सुधाकर शास्त्री ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

उत्तरप्रदेश के बाराबंकी के हंडियाकोल जंगल स्थित श्रीराम वन कुटीर आश्रम में जरूरतमंदों की निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गुरुवार को बीएन काॅलेज प्रांगण से रवाना रवाना हुआ। दल को जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्द्र माहेश्वरी एवं नाथद्वारा के मुख्य समाधान अधिकारी सुधाकर शास्त्री ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
विगत 36 वर्षों से स्वामी श्री रामदास जी के पावन स्मृति एवं संत श्री रामज्ञानदास महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस शिविर में वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा जरूरतमंदों की निःशुल्क सेवा एवं ऑपरेशन किये जाएंगे। शिविर प्रभारी डॉ. जे. के. छापरवाल ने बताया कि यह निःशुल्क शल्य चिकित्सा शिविर अनवरत चल रहा है। उन्होंने बताया कि इस शिविर में 40 चिकित्सक, 60 नर्सिंग स्टाफ, 10 वैद्य, 5 तकनीशियन सहित वार्ड बॉय, आया व समाजसेवी तथा इनके अतिरिक्त कोलकत्ता, अहमदाबाद, भिवानी, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ व हरियाणा के चिकित्सक भाग लेंगे।
सहकारिता मंत्री ने किया स्वागत
बीएन काॅलेज से रवानगी के पश्चात चिकित्सकों के इस दल के चित्तौड़गढ़ पहुंचने पर सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने सभी का स्वागत किया और इस अनूठे आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।
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शिविर में शिरकत कर सकते है राज्यपाल
डाॅ. छापरवाल ने बताया कि प्रदेश के राज्यपाल श्री कल्याण सिंह की प्रस्तावित उत्तरप्रदेश यात्रा के तहत 4 फरवरी को शिविर में आने की संभावना है। उन्होंने बताया कि विशेष आमंत्रण पर राज्यपाल ने शिविर में आने का आश्वासन दिया है।
हो चुके है 58 हजार ऑपरेशन
उन्होंने बताया कि विगत 36 वर्षों में मोतियाबिंद, हर्निया, हाइड्रोसिस, बवासीर, गर्भाश्य अन्य में ट्यूमर के 58 हजार रोगियों के ऑपरेशन हो चुके है। इस आश्रम में पश्चिमी उत्तरप्रदेश के बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, पीलीभीत, फैजाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, अमेठी, रायबरेली व समीपवर्ती राज्य बिहार के विभिन्न जिलों सहित 500 किमी परिधि क्षेत्र से रोगी उपचार हेतु आते है।
