औषधीय वृक्ष सेमल पौधारोपण कार्यक्रम प्रारम्भ
सोसाइटी फॉर माइक्रोवायटा रिसर्च एंड इंटीग्रेटेड मेडिसिन, उदयपुर के तत्त्वाधान में विगत ९ वर्षों से चलाये जा रहे 'सेमल सरंक्षण अभियान' के तहत वर्ष 2015 में सेमल पौधा

सोसाइटी फॉर माइक्रोवायटा रिसर्च एंड इंटीग्रेटेड मेडिसिन, उदयपुर के तत्त्वाधान में विगत ९ वर्षों से चलाये जा रहे ‘सेमल सरंक्षण अभियान’ के तहत वर्ष 2015 में सेमल पौधारोपण कार्यक्रम की शुरुआत पेसिफिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल परिसर में सेमल वृक्ष के पांच पौधे लगाकर के गयी.
इसके साथ ही पत्रकार कॉलोनी, चित्रकूट नगर में भी सेमल पौधरोपण किया गया. मेडिकल अधीक्षक डॉ. महेश बंसल ने इस अवसर पर सोसाइटी के इस कदम की सराहना करते हुए कहा की देशी प्रजातियों के पौधरोपण से ही पर्यावरण संतुलन बना रह सकता है. सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. एस. के. वर्मा ने कहा की हमें सौंदर्यीकरण के साथ ही ईको-सिस्टम के सरंक्षण को भी ध्यान में रखते हुए स्थानीय पादप प्रजातियों का बहुतायत से पौधारोपण करना चाहिए.
इस अवसर पर सोसाइटी सचिव डॉ. वर्तिका जैन ने बताया की सेमल, अरावली पर्वत श्रृंखला में प्राकतिक रूप से मिलने वाला एक महत्त्वपूर्ण औषधीय वृक्ष है जिसका प्रत्येक भाग औषधीय महत्त्व रखता है. साथ ही यह वृक्ष पानी की कमी और अधिक तापमान को भी सहन कर जीवित रहता है.
परन्तु उदयपुर संभाग में होलिका दहन पर हजारों की संख्या में इसकी कटाई को देखते हुए सोसाइटी विगत ९ वर्षों से सेमल सरंक्षण में जुटी है, जिसके तहत विभिन्न स्थानो पर सेमल पौधारोपण के साथ ही लोहे की होली जलाने के माध्यम से सेमल को बचाया जा रहा है. पौधरोपण कार्यक्रम की सफलता में इंद्रसिंह राठोर, गिरधारी लाल सोनी, पत्रकार आचार्य जी, पवन कुमार, सुशील कुमार और राहुल का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा.