मिलिए ब्यूटी विद ब्रेन IFS अफसर गीतिका तम्ता से, एक सिंपल ट्रिक से पहले ही प्रयास में UPSC में हासिल की सफलता
Udaipur Times, IFS Geetika Tamta : हम अक्सर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के उम्मीदवारों की कहानियां सुनते हैं जो अपने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से इस कठिन परीक्षा को पास करने की उपलब्धि हासिल करते हैं। आज हम उत्तराखंड की गीतिका ताम्ता की सफलता की कहानी के बारें में आपको बताने जा रहा है कि कैसे उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास करके आईएफएस अधिकारी बनने का सफर तय किया।

अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करने का फैसला किया
गीतिका ताम्ता उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले की रहने वाली हैं। उन्होंने नैनीताल में अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और उसके बाद हरियाणा के एक कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा को अपना लक्ष्य बनाने का फ़ैसला किया। 2021 में नए साल के दिन, मुक्तेश्वर में रहते हुए, उन्होंने UPSC परीक्षा पास करने का संकल्प लिया और अपनी तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने कुछ समय तक अपने संकल्प का पालन भी किया। हालांकि, कई अन्य लोगों की तरह, उनका ध्यान भी सोशल मीडिया की ओर भटक गया। जब उन्हें एहसास हुआ कि वह अपने लक्ष्य से दूर होती जा रही हैं, तो तामता ने 15 जनवरी, 2021 को अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करने का फैसला किया।

लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया
अपनी तैयारी के दौरान गीतिका अपने समय के मैनेजमेंट को लेकर बहुत सतर्क रहती थी। परिवार और रिश्तेदार अक्सर उनको सामाजिक कार्यक्रमों और त्योहारों में बुलाते थे, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि ऐसे कार्यक्रमों में उसका पढ़ाई का समय बर्बाद हो रहा था। इसलिए, उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया। उनका मकसद साफ़ था जब तक वह अपना UPSC का लक्ष्य हासिल नहीं कर लेती, उनको अपना समय और ध्यान मुख्य रूप से अपनी पढ़ाई पर ही लगाना था।
2021 में UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास की
लगातार तैयारी के बाद, गीतिका ने अक्टूबर 2021 में UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास की। इसके बाद, उनके सामने मुख्य परीक्षा की चुनौती थी। उन्होंने अपनी तैयारी को और मजबूत किया और अपनी पढ़ाई पर और भी ज़्यादा ध्यान दिया। इस दौरान, परिवार की कुछ परिस्थितियों की वजह से कभी-कभी उनका ध्यान भटक जाता था। जनवरी 2022 में उनका परिवार देहरादून चला गया, जबकि गीतिका मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आ गईं। उन्होंने दिल्ली में अपनी तैयारी जारी रखी और परीक्षा दी।

239वीं रैंक हासिल की और सिविल सेवा परीक्षा सफलतापूर्वक पास की
मेन्स परीक्षा के बाद गीतिका देहरादून लौट आईं। इसके बाद, उन्हें आखिरी चरण का सामना करना था UPSC इंटरव्यू। इस चरण के लिए उन्होंने कई मॉक इंटरव्यू में हिस्सा लिया, जिससे उन्हें संभावित सवालों की प्रैक्टिस करने और अपने जवाबों को बेहतर बनाने में मदद मिली। उनकी तैयारी का नतीजा 30 मई, 2022 को सामने आया, जब UPSC CSE के नतीजे घोषित किए गए। गीतिका ने 239वीं रैंक हासिल की और सिविल सेवा परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली।
समय और ध्यान को सही दिशा में लगाने के पक्के फैसले पर निर्भर करती है सफलता
गीतिका तम्ता की कहानी की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने अपनी कमजोरी को पहचाना और उसका समाधान निकाला; उन्होंने सोशल मीडिया पूरी तरह छोड़ने और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। हालांकि हर उम्मीदवार के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह छोड़ना ज़रूरी नहीं है, लेकिन पढ़ाई के दौरान ध्यान भटकाने वाली चीज़ों को सीमित करना बहुत मददगार साबित हो सकता है।

UPSC जैसी परीक्षा की तैयारी के लिए न केवल लंबे समय तक लगातार पढ़ाई की ज़रूरत होती है, बल्कि समय का सही प्रबंधन, लगातार तैयारी और लक्ष्य पर पक्का ध्यान भी ज़रूरी होता है। गीतिका की कहानी दिखाती है कि सफलता अक्सर बड़े बदलावों पर नहीं, बल्कि अपने समय और ध्यान को सही दिशा में लगाने के पक्के फैसले पर निर्भर करती है।