मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के तत्वाधान में बैठक
उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने के लिए विगत 30 वर्षों से जो आंदोलन मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के तत्वाधान में चलाया जा रहा है, उस आदोलन के चरण में आज बार एसोसिएशन, उदयपुर के सभागार में विभिन्न राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, श्रमिक, छात्र, सांस्कृतिक संगठनों और कर्मचारियों संगठनों के पदाधिकारी व प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने के लिए विगत 30 वर्षों से जो आंदोलन मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के तत्वाधान में चलाया जा रहा है, उस आदोलन के चरण में आज बार एसोसिएशन, उदयपुर के सभागार में विभिन्न राजनैतिक, सामाजिक, धार्मिक, श्रमिक, छात्र, सांस्कृतिक संगठनों और कर्मचारियों संगठनों के पदाधिकारी व प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
उक्त बैठक में नगर निगम उदयपुर की महापोर रजनी डांगी, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष नीलिमा सुखाडिया, भारतीय जनता पार्टी शहर जिला अध्यक्ष दिनेश भटृ, माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बंशीलाल सिंघवी, भारती कम्युनिस्ट पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक मेघराज तावड़ मुख्य अतिथि थे तथा अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ने की एवं मंचासीन मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना और मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के महासचिव शांतिलाल पामेचा थे।
बैठक के प्रारम्भ में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत कुमार जोशी ने सभी बाहर से आये पदाधिकारीगणों का स्वागत उद्बोधन दिया तत्पश्चात् मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के महासचिव शांतिलाल पामेचा ने उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की महती आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजस्थान की कुल आबादी की 13 प्रतिशत आबादी इस क्षेत्र उदयपुर, राजसमन्द, भीलवाडा, चित्तौडगढ, प्रतापगढ, बांसवाडा, डूंगरपुर, सिरोही जिले में निवास करती है जो की काफी निर्धन व गरीब है तथा वह जोधपुर में सस्ता सुलभ न्याय प्राप्त करने के लिए सीधे आवागमन के साधनों की वजह से नहीं जा सकती है।
शांतिलाल पामेचा ने क्षेत्र की सभी प्रमुख राजनैतिक पार्टीयों से आव्हान किया कि वो अपने चुनावी घोषणा पत्र में यह प्रमुखता से उल्लेखित करके यदि उनकी सरकार राजस्थान में आयेगी तो सम्पूर्ण आदिवासी अंचल की जनता को सस्ता सुलभ न्याय दिलाने के लिए उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करेंगे।
बैठक में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष नीलीमा सुखाडिया ने अपने उदबोधन में कहा कि पूर्व में उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय स्थापित था परन्तु वह अन्यत्र स्थानान्तरित कर दिया है। इस क्षेत्र की गरीब, आदिवासी, निर्धन जनता को सस्ता, सुलभ न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार से बात करेगी तथा उनसे आगामी चुनाव के घोषणा-पत्र में उदयपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय की खण्डपीठ स्थापित करने की मांग को सम्मिलित करवायेगी।
शहर जिला भारतीय जनता पार्टी के अघ्यक्ष दिनेश भटृ ने कहा कि 47 प्रतिशत राजस्व राजस्थान सरकार को उदयपुर से दिया जाता है इस कारण इस क्षेत्र को वाजिब न्याय दिलाने के उद्वेश्य से उदयपुर शहर में हाईकोर्ट बैंच स्थापित करना आवश्यक है। उदयपुर जिले के भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में उक्त मांग को सम्मिलित करवायेंगे।
पूर्व विधायक मेघराज तावड ने भी अपने संबोधन में कहा कि वो सिद्वान्तः निर्धन, आदिवासी जनता को न्याय दिलाने के लिए सदैव तत्पर है तथा वो हर समय उक्त मांग के समर्थन में रहेंगे। माक्सवादी कम्पयुनिस्ट पार्टी के श्री बंशीलाल सिंघवी ने कहा कि इस आंदोलन की मांग को उचित मानते हुए हमेशा इस आंदोलन को सहयोग किया है, क्योंकि भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं आर्थिक आधारों पर उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच स्थापित किया जाना अतिआवश्यक है ताकि सस्ता सुलभ न्याय प्राप्त हो सके।
बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत ने कहा कि यह क्षेत्र अति पिछडा क्षेत्र है इसलिए हाईकोर्ट बैंच उदयपुर में स्थापित करना आवश्यक है।
मेवाड-वागड़ हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के संयोजक रमेश नंदवाना ने बैठक में सम्मिलित सभी राजनैतिक पार्टियों एवं उपस्थित सभी संगठनों की सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित करवाया कि यह संयुक्त सभा सर्वसम्मति से यह निर्णय पारित करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार, भारत एवं राजस्थान के माननीय न्यायाधिपतियों से यह पूरजोर मांग करती है कि इस गरीब आदिवासी बाहुल पीछडे क्षेत्र की जनता को शिघ्र, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करने हेतु राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ की उदयपुर (राज) में स्थापना के लिए शिघ्रताशिघ्र घोषणा की जावे। पूर्व में इस मांग को लेकर काफी संघर्ष हो चुका है जिसका कोई भी परिणाम नहीं निकलने से यह सभा इस क्षेत्र की जनता से भी आव्हान करती है कि 12 अगस्त 2013 को जनजाति आयुक्त कार्यालय उदयपुर के शांतिपूर्वक धरने व घैराव के कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित होकर सहयोग प्रदान करावें।
बैठक को मेवाड़ क्षत्रिया महासभा शहर जिला अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह जगत, सत्यपाल सिंह डोडिया, पार्षद मोहम्मद अयुब, दलपत सुराणा, दिपांकर चक्रवती, सरदार विरेन्द्र सिंह, पार्षद किरण जैन, पार्षद मोहम्मद खलील, पार्षद प्रेमसिंह शक्तावत, दुर्गेश, मुस्लिम महासभा के संभागीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बक्ष, पी.एस.खिंची, भुपत सिंह मीणा, सोमेश्वर मीणा, भंवर सेठ, सूर्यप्रकाश सुहालका, प्रभुलाल साहु तथा केन्द्रीय छात्रसंघ मोहन लाल सुखाडिया विश्वविधालय के पंकज बोराणा और रविकांत त्रिपाठी आदि वक्ताओं ने सम्बोधित किया। बैठक में भारतीय मजदुर संघ, समाजवादी पाटी, राष्ट्रीय सिक्ख संगठन, भारतीय सिन्धु सभा, उदयपुर टेक्स बार, हिन्दू जागरण मंच, जंगल जमीन आंदोलन, बजरंग सेना, श्रीराम बजरंग सेना मेवाड, हिन्दू महासेना टाईगर फोर्स, तैलीक साहु समाज, जनहित सेवा समिति, आर्य समाज, सगस जी बावजी सेना, राजस्थान आदिवासी संगठन के अलावा अन्य संगठन के पदाधिकारी सम्मिलित हुए।
संचालन ब्रजेन्द्र सेठ, जिला महासचिव मनीष शर्मा, बार एसोसिएशन महासचिव भरत कुमार वैष्णव के द्वारा किया गया तथा धन्यवाद जिला हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति के संयोजक सत्येन्द्र पाल सिंह छाबड़ा ने किया।