#MeToo शारीरिक शोषण पर खुलकर बोली तारक मेहता की बबिता जी
इन दिनों हॉलीवुड एलिजा मिलानो के कैम्पेन #MeToo के तहत यौन उत्पीड़न के मामले सुर्खियों में बने हुए है. अब तक लगभग 51 एक्ट्रेस सहित आम महिलाये स्वयं पर हुए यौन शोषण का आरोप लगा चुकी है। सोशल मीडिया पर#MeToo नाम से एक कैम्पेन भी चल रहा है जिसमे सभी वो सभी महिलाये जुड़कर खुद के साथ हुए यौन शोषण मामले को सामने ला रही है। इसी कड़ी में टीवी सीरियल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बबिताजी का किरदार अद
इन दिनों हॉलीवुड एलिजा मिलानो के कैम्पेन #MeToo के तहत यौन उत्पीड़न के मामले सुर्खियों में बने हुए है. अब तक लगभग 51 एक्ट्रेस सहित आम महिलाये स्वयं पर हुए यौन शोषण का आरोप लगा चुकी है। सोशल मीडिया पर#MeToo नाम से एक कैम्पेन भी चल रहा है जिसमे सभी वो सभी महिलाये जुड़कर खुद के साथ हुए यौन शोषण मामले को सामने ला रही है।
इसी कड़ी में टीवी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबिताजी का किरदार अदा करने वाली मुनमुन दत्ता भी अब हॉलीवुड सेलेब्रिटी एलिजा मिलानो के कैम्पेन #MeToo से जुड़ गई हैं। हॉलीवुड एक्ट्रेस एलिसा मिलानो के #MeToo कैंपेन के तहत दुनियाभर के कई सेलेब्रिटीज और महिलाओं ने अपने साथ हुए सेक्शुअल असॉल्ट की घटनाओं पर खुलकर बात की है।
मुनमुन दत्ता ने हाल ही में सोशल साइट्स पर अपने सेक्शुअल असॉल्ट की कहानी बयां की। मुनमुन ने कहा- कुछ ऐसा लिख रही हूं, जिसकी वजह से मेरे आंसू निकल रहे हैं। मैं अपने पड़ोस में रहने वाले एक अंकल से बहुत डरती थी। वो मौका पाते ही मुझे जकड़ लेते थे और धमकाते थे कि मैं ये बात किसी को ना बताऊं।
मुनमुन दत्ता ने आगे बताते हुए कहा की मेरे ट्यूशन टीचर ने तो मेरे इनरवियर में हाथ डाल दिया था। इतना ही नहीं मेरा एक और टीचर था, जिसे मैं राखी बांधती थी वो क्लास में लड़कियों की ब्रा का स्ट्रिप पकड़ कर खींचता था और लड़कियों के ब्रैस्ट पर हाथ मारता था। यह सब इसलिए होता है क्योंकि आप इतनी छोटी और डरी हुई हैं। आपको लगता है कि आप आवाज नहीं उठा सकतीं। डर के मारे आपका गला सूख जाता है। यहां तक कि आपको लगता है कि पेरेंट्स से यह बात कैसे बताएंगी। यहां तक कि मेरे कई कजिन मुझे अश्लील तरीके से देखते थे। इतना ही नहीं वो आदमी, जो अस्पताल में मेरे जन्म के समय था और बाद में जब मैं 13 साल की हुई तो उसने मुझे गलत तरीके से छुआ क्योंकि मेरे शरीर में बदलाव आ रहे थे। कई बार ऐसी घटना के बाद आपके भीतर पुरुषों के लिए नफरत पैदा होने लगती है। आपको लगता है कि यही वो अपराधी है, जिसकी वजह से आपको ये सब झेलना पड़ा। इसके बाद आपको उस सदमे से उबरने में बरसों लग जाते हैं।
मुनमुन ने इस कैंपेन से जुड़ने पर लिखा- मुझे गर्व है कि मैं इस कैंपेन का हिस्सा हूं और लोगों तक अपनी यह बात पहुंचा रही हूं कि मुझे भी नहीं छोड़ा गया था। हां ये बात अलग है कि आज मैं किसी भी मर्द को सबक सिखा सकती हूं, जो दूर से भी मेरे बारे में गलत सोचे। मैं जो भी हूं, मुझे उस पर गर्व है।
मुनमुन के मुताबिक, मैं हैरान हूं कि कुछ मर्द ये देखकर बौखला गए हैं कि इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं इस तरह की घटनाओं पर बात कर रही हैं। वैसे ये सब उनकी नाक के नीचे ही हो रहा था। यहां तक कि उनके ही घर में, उनकी ही मां-बेटियों और नौकरानी के साथ। कभी उनका विश्वास जीतकर उनसे पूछने की कोशिश तो करो।
