हरियाणा में इन नए रूटों पर दौड़ेगी अब मेट्रो ! बनेंगे 28 नए स्टेशन, देखें पूरा रूट प्लान ?
Udaipur Times, Haryana News : गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। गोल्फ कोर्स रोड स्थित सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण को लेकर जल्द ही डीपीआर को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। करीब 35.25 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड मेट्रो रूट पर 28 स्टेशन बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि यह कॉरिडोर कई बड़े परिवहन नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे गुरुग्राम, मानेसर और आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को कनेक्टिविटी का बड़ा फायदा मिल सकता है।
प्रस्तावित मेट्रो लाइन खेड़की दौला और पचगांव में दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम, रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के बहरोड़ तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ेगी। इसके अलावा सेक्टर-61 के पास गुरुग्राम से फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत मार्ग से भी इसका इंटरचेंज होगा। मानेसर में यह मेट्रो हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से जुड़ेगी।
अगले सप्ताह होगी अहम बैठक और वार्ता
सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित मेट्रो को लेकर अगले सप्ताह हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में अहम बैठक होने वाली है। बैठक में एचएमआरटीसी, एचएसआईआईडीसी, जीएमडीए, नगर निगम, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग और एचएसवीपी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
राइट्स की ड्राफ्ट डीपीआर के मुताबिक, इस मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 10,410 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पूरा रूट एलिवेटेड होगा और इस पर कुल 28 स्टेशन बनाए जाएंगे। कॉरिडोर का पहला स्टेशन सेक्टर-56 में होगा, जहां यह मौजूदा रैपिड मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेगा।
35.25 किमी रूट पर जाने कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?
ड्राफ्ट डीपीआर के अनुसार सेक्टर-56 से शुरू होने वाला यह मेट्रो कॉरिडोर कई प्रमुख सेक्टरों और विकसित हो रहे क्षेत्रों से होकर पचगांव तक पहुंचेगा। प्रस्तावित 28 स्टेशनों में सेक्टर-56, सेक्टर-61, सेक्टर-62, निर्वाणा कंट्री, सेक्टर-66, वाटिका चौक, सेक्टर-69, सेक्टर-70, सेक्टर-75, खेड़की दौला, ग्लोबल सिटी, सेक्टर-36ए, सेक्टर-88, सेक्टर-84, सेक्टर-85-89 चौक, सेक्टर-86-90 चौक, सेक्टर-91, गांव कांकरौला, सेक्टर-एम-15, सेक्टर-एम-6-7, सेक्टर-एम-4, सेक्टर-एम-8, सेक्टर-एम-8 (3ए), मानेसर, सेक्टर-पी-4, सेक्टर-पी-5, सेक्टर-पी-7 और पचगांव शामिल हैं।
इस तरह मेट्रो लाइन पुराने विकसित इलाकों के साथ-साथ नए सेक्टरों, ग्लोबल सिटी, मानेसर और पचगांव जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों को भी जोड़ेगी।
खेड़की दौला और पचगांव में नमो भारत से इंटरचेंज
इस मेट्रो कॉरिडोर की सबसे बड़ी खासियत इसकी नमो भारत ट्रेन नेटवर्क से कनेक्टिविटी होगी। खेड़की दौला और पचगांव में प्रस्तावित मेट्रो लाइन दिल्ली के सराय काले खां से गुरुग्राम और रेवाड़ी होते हुए राजस्थान के बहरोड़ तक प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ेगी। इन दोनों स्थानों पर इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाने की योजना है।
इसके अलावा सेक्टर-61 के पास गुरुग्राम से फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक प्रस्तावित नमो भारत ट्रेन मार्ग से भी इस मेट्रो को जोड़ा जाएगा। यहां भी इंटरचेंज स्टेशन का प्रावधान रखा गया है। इससे यात्रियों को अलग-अलग शहरों और परिवहन नेटवर्क के बीच सफर करने में सुविधा मिल सकती है।
मानेसर में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से जुड़ेगी मेट्रो
मेट्रो लाइन को सिर्फ नमो भारत से ही नहीं, बल्कि हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा। मानेसर में इसका इंटरचेंज स्टेशन बनाया जाएगा। इससे मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी बड़े परिवहन नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
वहीं, वाटिका चौक पर भी इंटरचेंज स्टेशन प्रस्तावित है। भोंडसी से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो लाइन को वाटिका चौक के पास इस कॉरिडोर से जोड़े जाने की योजना है। इससे भविष्य में गुरुग्राम के अलग-अलग मेट्रो कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है।
चार जगहों पर बनेगी पार्किंग
मेट्रो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर के चार प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। एचएमआरटीसी के अधिकारी के मुताबिक, सेक्टर-56 में 2,000 वर्ग मीटर, निर्वाणा कंट्री में 1,000 वर्ग मीटर, वाटिका चौक पर 2,000 वर्ग मीटर और सेक्टर-91 में 1,000 वर्ग मीटर जमीन पर पार्किंग विकसित करने की योजना है।
अधिकारियों का प्रयास रहेगा कि इन पार्किंग सुविधाओं को मल्टीलेवल पार्किंग के रूप में विकसित किया जाए। इससे सीमित जमीन में अधिक संख्या में वाहनों को खड़ा करने की सुविधा मिल सकेगी और मेट्रो तक पहुंचने वाले यात्रियों को निजी वाहन पार्क करने में परेशानी कम होगी।
208 निर्माण बन सकते हैं मेट्रो निर्माण में अड़चन
प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए किए गए सर्वे में सामने आया है कि अधिकांश जमीन सरकारी है, लेकिन मेट्रो निर्माण के लिए 208 स्थायी और अस्थायी निर्माणों को हटाने की जरूरत पड़ सकती है। इनमें 53 पक्के मकान और दुकानें शामिल हैं।
इसके अलावा सर्वे में 140 कच्चे मकान और दुकानें तथा 14 सरकारी इमारतें भी चिन्हित की गई हैं। एक धार्मिक स्थल को भी मेट्रो निर्माण के लिए हटाने की जरूरत पड़ सकती है। इन निर्माणों को हटाना और जमीन उपलब्ध कराना परियोजना के लिए महत्वपूर्ण चरण होगा।
गुरुग्राम के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मिलेगा बड़ा विस्तार
सेक्टर-56 से पचगांव तक बनने वाला यह मेट्रो कॉरिडोर सिर्फ दो इलाकों को जोड़ने वाली लाइन नहीं होगा, बल्कि इसे गुरुग्राम के बड़े मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के हिस्से के तौर पर विकसित करने की योजना है। सेक्टर-56 में रैपिड मेट्रो, खेड़की दौला और पचगांव में नमो भारत, सेक्टर-61 में प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर, वाटिका चौक पर दूसरी मेट्रो लाइन और मानेसर में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी मिलने से यात्रियों के लिए कई इंटरचेंज विकल्प तैयार होंगे।
अगर परियोजना को मंजूरी मिलती है और निर्माण तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ता है, तो इससे गुरुग्राम के नए सेक्टरों, मानेसर और पचगांव की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल यह परियोजना ड्राफ्ट डीपीआर और मंजूरी की प्रक्रिया में है, इसलिए अंतिम रूट, स्टेशन और निर्माण से जुड़ी जानकारी में आगे बदलाव संभव है।