दिल्ली से हरियाणा के बीच दौड़ेगी मेट्रो ! पहला टेंडर हुआ जारी, इन लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, New Delhi : मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली मेट्रो छठी बार सीमा पार कर एनसीआर के शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बढ़ाने को तैयार है। मेट्रो फेज-4 में 26 किलोमीटर लंबे रिठाला से कुंडली कॉरिडोर पर निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। बीते जून में अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के लिए इसका पहला टेंडर जारी किया गया है। पहले हिस्से में दिल्ली में पड़ने वाले करीब 15 किलोमीटर के दस स्टेशनों पर काम शुरू होगा। इस पूरे कॉरिडोर पर 6,230 करोड़ रुपये की लागत आएगी। 2030 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
मेट्रो फेज-4 के 6 कॉरिडोर में से यह आखिरी है। इस कॉरिडोर पर कुल 21 मेट्रो स्टेशन होंगे। डीएमआरसी ने कुल 10 स्टेशनों और नरेला डिपो एट ग्रेड स्टेशन के लिए पहला टेंडर जारी किया है। इसमें स्टेशनों के पार्ट डिजाइन, एलिवेटेड वायडक्ट, रैम्प का निर्माण किया जाएगा। इसे पूरा होने में 3 साल का समय लगने के साथ 1373.36 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जल्द ही हरियाणा में पड़ने वाले स्टेशनों के लिए टेंडर जारी होगा।
रिठाला से कुंडली कॉरिडोर मौजूदा रेड लाइन (गाजियाबाद से रिठाला) कॉरिडोर की एक्सटेंशन लाइन है। इस हिस्से के पूरा होने के बाद यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का पहला कॉरिडोर होगा जो कि तीन राज्यों को आपस में जोड़ेगा।
रिठाला से कुंडली मेट्रो कॉरिडोर योजना एक नजर में
26.5 किलोमीटर लंबा है कॉरिडोर
6230 करोड़ रुपये की आएगी लागत
21 मेट्रो स्टेशन होंगे
3-4 साल में पूरा करने का है टारगेट
10 स्टेशन बनाने के लिए टेंडर जारी
3500 पेड़ होंगे प्रभावित
रिठाला-कुंडली कॉरिडोर के निर्माण से करीब 3500 पेड़ प्रभावित होंगे। मेट्रो ने टेंडर के साथ इन पेड़ों को काटने और शिफ्ट करने की मंजूरी के लिए आवेदन कर दिया है। कुल 527 पेड़ इस कॉरिडोर की वजह से काटने पड़ेंगे।
कॉरिडोर पर पड़ने वाले रोहिणी सेक्टर-34 और बवाना औद्योगिक क्षेत्र स्टेशनों के बीच ही कुल 1,459 पेड़ आ रहे हैं। इनमें से 1,424 पेड़ों को प्रत्यारोपित किया जाएगा। इसी तरह रोहिणी सेक्टर-34 तक के हिस्से में 1128 पेड़ आ रहे हैं। दिल्ली-हरियाणा सीमा के बीच के क्षेत्र में 906 पेड़ों की पहचान की गई है।
