हरियाणा में 30 KM के इस रूट पर दौड़गी मेट्रो ! देखें कहां-कहां बनेंगे 28 नए स्टेशन ?
Udaipur Times, Haryana News, गुरुग्राम : पुराने गुरुग्राम को डीएलएफ साइबर सिटी से जोड़ने वाली मेट्रो परियोजना ने अब निर्माण की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ाया है। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के दूसरे चरण के तहत सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक करीब 30.7 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस पूरे रूट पर 28 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाने की योजना है। कॉरिडोर के तैयार होने के बाद पुराने गुरुग्राम, पालम विहार, उद्योग विहार और साइबर सिटी के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
हरियाणा सरकार को भेजा गया टेंडर
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) ने दूसरे चरण के निर्माण से जुड़े टेंडर को मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार के पास भेज दिया है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किया जा सकता है।
इस परियोजना के जरिए गुरुग्राम के पुराने और नए विकसित हो रहे इलाकों को बेहतर मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। खास तौर पर रोजाना साइबर सिटी और उद्योग विहार आने-जाने वाले कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।
3 चरणों में तैयार होगी ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को कुल तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है।
पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-9 तक मेट्रो कॉरिडोर बनाया जाना है। इसी चरण में द्वारका एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-101 का स्पर भी विकसित करने की योजना है। पहले चरण में करीब 12 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने की जानकारी है।
दूसरे चरण में सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक 30.7 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस हिस्से में 28 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं।
तीसरे चरण में सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण किया जाएगा। डिपो मेट्रो संचालन के लिए ट्रेनों की पार्किंग, रखरखाव और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए अहम होगा।
सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक इन इलाकों में बनेंगे स्टेशन
दूसरे चरण के प्रस्तावित कॉरिडोर में कई प्रमुख रिहायशी और कारोबारी इलाकों को जोड़ा जाएगा। इनमें सेक्टर-9, सेक्टर-7, सेक्टर-4, सेक्टर-5, अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23ए, सेक्टर-22, सेक्टर-21, उद्योग विहार फेज-1 और डीएलएफ साइबर सिटी प्रमुख हैं।
इन स्टेशनों के जरिए पुराने गुरुग्राम से लेकर पालम विहार और उद्योग विहार तक रहने वाले लोगों को साइबर सिटी तक पहुंचने के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकता है।
कृष्णा चौक पर बनेगा फ्लाईओवर
मेट्रो कॉरिडोर के साथ कृष्णा चौक पर फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है। GMRL ने इसके निर्माण के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) से करीब 100 करोड़ रुपये की मांग की है।
फ्लाईओवर को मेट्रो परियोजना से जुड़े टेंडर में शामिल किए जाने की योजना है। इससे मेट्रो कॉरिडोर के आसपास सड़क यातायात को सुचारु करने और प्रमुख जंक्शन पर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ऑफिस जाने वालों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
गुरुग्राम देश के बड़े कॉरपोरेट और आईटी हब में शामिल है। डीएलएफ साइबर सिटी, उद्योग विहार और आसपास के कारोबारी क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी आते-जाते हैं। मौजूदा समय में इस इलाके की यात्रा के लिए निजी वाहन, कैब और बसों पर काफी निर्भरता है।
सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर बनने के बाद पुराने गुरुग्राम और आसपास के रिहायशी इलाकों से साइबर सिटी तक सीधे सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मजबूत होगा। इससे सड़क पर निजी वाहनों का दबाव कम करने और रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों के समय की बचत में भी मदद मिल सकती है।
पुराने गुरुग्राम की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया नेटवर्क
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का उद्देश्य सिर्फ नए मेट्रो स्टेशन बनाना नहीं है, बल्कि शहर के पुराने हिस्सों को गुरुग्राम के प्रमुख कारोबारी केंद्रों और दूसरे ट्रांसपोर्ट नेटवर्क से जोड़ना भी है। सेक्टर-9 से साइबर सिटी वाला दूसरा चरण इस नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
अगर परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में पुराने गुरुग्राम से साइबर सिटी तक सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करते हुए मेट्रो आधारित आवागमन को बढ़ावा मिल सकता है। इससे गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन का नेटवर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।