स्वरुप सागर की झरिया पाल से रिस रहा है लाखों लीटर पानी गटर में
प्रशासन स्वरुप सागर की झरिया पाल की सुध ले, प्रतिदिन रिस रहे करोडो लीटर झील जल को अस्पताल कॉम्पलेक्स और मेडिकल कॉलेज की जल आपूर्ति में उपयोग करने का सुझाव
झरिया पाल खड़ी दीवार में उगे पेड़
झील प्रेमियों ने एक बार फ़िर प्रशासन से आग्रह किया है कि वो स्वरुप सागर की झरिया पाल की सुध ले। पाल् की खड़ी दीवार पर बड़े पेड़ों की झड़ें दीवार क़ी चुनाई को नुकसान पंहुचा रही है।साथ ही झरिया तरफ की बांध रिसाव व्यवस्था से प्रतिदिन रिस रहे लाखों लीटर झील जल को गटर में जाने से रोके।
विशेषज्ञ डॉ अनिल मेहता, झील प्राधिकरण सदस्य तेज शंकर पालीवाल, पर्यावरणविद नन्द किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि इस जल को पाइप लाइन से महाराणा भूपाल अस्पताल ले जाया सकता है और उपचार कर अस्पताल कॉम्पलेक्स और मेडिकल कॉलेज की जल आपूर्ति में उपयोग किया जा सकता है।यूआईटी और नगर निगम इस कार्य को अपने बजट में शामिल करे।
श्रमदान: पिछोला के अमरकुंड घाट पर झील मित्र संस्थान ,झील संरक्षण समिति एवं डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के साझे में हुए साप्ताहिक रविवारीय श्रमदान में झील क्षेत्र से सड़ी गली घरेलू सामग्री ,कोल्ड ड्रिंक व शराब की बोतले, फूलमालाये, तस्वीरें, नारियल, पॉलीथिन व भारी मात्रा में जलीय खरपतवार निकाली गई।
lake cleaning on amarkund
श्रमदान में गगन कुमावत, रमेश चंद्र राजपूत, दीपेश स्वर्णकार, रामलाल गेहलोत, तेज शंकर पालीवाल, डॉ अनिल मेहता व नन्दकिशोर शर्मा ने भाग लिया।