खान राज्य मंत्री ने की ई- ऑक्शन 2017 के प्रथम चरण की उद्घोषणा

खान राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. ने कहा कि खनन संबंधी नई नीति लागू होने से राजस्थान सरकार ही नही बल्कि आमजन को भी अधिक फायदा होगा।

 | 
खान राज्य मंत्री  ने की ई- ऑक्शन 2017 के प्रथम चरण की उद्घोषणा

खान राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. ने कहा कि खनन संबंधी नई नीति लागू होने से राजस्थान सरकार ही नही बल्कि आमजन को भी अधिक फायदा होगा।

खान राज्य मंत्री ने शुक्रवार सुबह उदयपुर में खान निदेशालय सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेन्स को सम्बोधित किया। उन्हांेने कहा कि नई खनन नीति में ज्यादा से ज्यादा छोटे प्लाट आवंटित किये जायेंगे, जिससे आमजन को अधिक रोजगार मिलेगा। खान मंत्री ने उपस्थित पत्रकारों से खान विभाग की गतिविधियों में कमियों और उनको दूर करने के सुझाव मांगे।

खान मंत्री ने कहा कि राजस्थान राज्य में कुल 81 प्रकार के खनिज पाये जाते हैं जिनमें से 57 खनिजों का दोहन किया जा रहा हैं। खनन कार्य से राजस्थान में संचालित 34 हजार खनन पट्टों से लगभग 35 लाख लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हो रहा हैं। राजस्थान राज्य की जी.डी.पी. खनन का योगदान 7प्रतिशत हैं एवं राज्य को प्राप्त होने वाले राजस्व में खनन का योगदान तीसरे स्थान पर आता हैं । राजस्थान राज्य में कुल खनन पट्टों का 1/3 भाग उदयपुर जोन में आता हैं । विगत 2 वर्षो से खनन संबंधी में गतिविधियों में रोक होने से राज्य में खनन उधोग में राज्य का विकास रूका हुआ हुआ था, उसको बढावा देने के लिये राज्य सरकार द्वारा नई खनन नीति के अन्तर्गत राजस्थान राज्य अप्रधान खनिज रियायत नियमावली 2017, 1 मार्च, 2017 को अधिसूचित की गई । नियमावली में खनन संबंधी समस्याओं को दूर करने को प्राथमिकता दी गई हैं । राज्य मे इस वर्ष 3000 (1600 रक्षित मंशा पत्र व 1400 नये प्लाट) एवं अगले वित्तीय वर्ष में 3000 (नये प्लाट) खनन पट्टे आवंटित करने का लक्ष्य रखा गया हैं। जनजाति क्षेत्रों में खनिज मेसेनरी स्टोन के खनन पट्टों के आवंटन की प्रक्रिया में जनजाति क्षेत्र के लोगों को 1/3  प्लॉट आवंटित करने एवं खनिज बजरी के प्लाट स्थानीय जनजाति समितियों का आवंटन करने का प्रावधान नई खनिज नियमावली के अन्तर्गत किया गया हैं जिससे जनजाति क्षेत्र के लोगों का विकास हो सकेगा ।

खान विभाग को बनाएंगे पेपरलेस व पारदर्शी

खान मंत्री ने कहा कि सरकार की पहल पर खान विभाग को भविष्य में पूर्ण पारदर्शी बनाने के साथ ही पेपरलेस किये जाने पर विशेष ध्यान दिया जायेगा । उन्होने कहा कि सभी खनन पट्टो का आवंटन व आवेदन भविष्य में ऑन लाईन ही किया जायेगा व अधिक पारदर्शिता लाने के लिये सभी आवंटन ई-ऑक्शन द्वारा ही किये जायेगें । उन्होने पूर्व में किये गये ई-ऑक्शन का हवाला देते हुए कहा कि अब तक खान विभाग द्वारा 3 लाईमस्टोन के ब्लॉक्स का आंवटन ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जा चुका हैं । जिससे कुल 17,400 करोड के राजस्व प्राप्त होने का अनुमान हैं । निकट भविष्य में खनिज लाईमस्टोन के 8 नये ब्लॉक्स बनाकर ई-आक्शन के माध्यम से नीलामी की जायेगी । विभाग की गत वर्ष की आय का लक्ष्य 4200 करोड था जिसके विरूद्व विभाग ने 4233 करोड रूपये का राजस्व प्राप्त किया । इस वर्ष भी 5200 करोड का लक्ष्य रखा गया हैं। निकट भविष्य में ई-रवन्ना, ई-मासिक रिटर्न व ई-वार्षिक रिटर्न के माध्यम से समस्त कार्य निष्पादित किये जायेगें ।

अवैध खनन पर लगेगी लगाम

खान मंत्री ने कहा कि अवैध खनन की रोकथाम के लिये सूचना प्रौधोगिकी का उपयोग कर अवैध खनन के स्थानो को चिन्हित किया जाना विभाग की प्राथमिकता हैं । साथ ही अवैध खनन की गतिविधियो पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये विभाग द्वारा 500 आर.ए.सी. जवानों को विभाग के कर्मचारियो की सुरक्षा के लिये लगाया गया हैं । अवैध खनन पर जुर्माने को भी नई खनिज नियमावली में बढाया गया हैं, जिससे कि अवैध खननकर्ताओ पर अंकुश लगाया जा सकें । उन्होने कहा कि बीते वर्ष में विशेष अभियान चलाकर 14000 प्रकरण विभाग द्वारा बनाये गये तथा 2200 प्रकरणो में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गई तथा अन्य में जुर्माना वसूल किया गया । खान मंत्री ने अवैध खनन को समूल नष्ट करने के लिये खनिज की मांग व आपूर्ति के अन्तर को समाप्त कर नये खनन पट्टे आवंटित करने की घोषणा भी की ।

सभी खनिजों की होेगी मैपिंग

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के निर्देशानुसार राजस्थान के सभी खनिजों के मैपिंग की जायेगी ताकि विदेश में बैठे लोग भी जानकारी प्राप्त कर सकें कि इस समय राजस्थान राज्य में कौनसा खनिज कहॉ उपलब्ध हैं ।

राजस्थान अप्रधान खनिज ई-ऑक्शन 2017 प्रथम चरण उद्घोषणा

खान मंत्री ने कहा कि माह जुलाई-अगस्त 2017 तक ई-ऑक्शन द्वारा 100 खनन पट्टे आवंटित किये जायेगें। प्रथम चरण में 4 जिले जयपुर, सीकर, भरतपुर एवं भीलवाडा चिन्हित किये गये हैं। यहां विविध प्रकार के खनिज चेजापत्थर, फेल्सपार, क्वार्टज तथा सैण्डस्टोन आदि पाये गये हैं। खनिज नियमावली 2017 के मुख्य बिन्दुओ पर प्रकाश डालतेे हुए खान मंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज बजरी के तथाकथित एकाधिकार को समाप्त कर खनिज बजरी के छोटे प्लॉटस बनाकर ई-ऑक्शन के माध्यम से खनन पट्टे आवंटित किये जायेगें जिससे अधिक लोग बजरी खनन में भाग ले सकेगें।

खातेदारी भूमि से निकलने वाले खनिज जिप्सम का नियमानुसार खनन करने के लिये खातेदारों को अनुज्ञप्ति संबंधित जिला कलक्टर की अध्यक्षता वाली समिति के माध्यम से जारी की जायेगी ।

खनिज नियमावली 2017 में किये गये प्रावधानों में संशोधन की जानकारी भी खान मंत्री द्वारा दी गई, जिसमें मुख्य रूप से खनन पट्टे के स्थिर भाटक में कमी,तैयार ईंट पर लगने वाले रॉयल्टी नाकों की स्थापना सम्बन्धित नियमों को वापस लेना, परिवार में होने खनन पट्टा हस्तानान्तरण पर प्रीमियम शुल्क की कमी एवं अप्रधान खनिज के पूर्व प्रावधानों से जारी मंशा-पत्रों को पुनः सुरक्षित करना आदि सम्मिलित हैं ।

खान मंत्री द्वारा उपस्थित मीडियाकर्मियों व विभाग के सभी अधिकािरयों का आभार प्रकट किया गया। बैठक में खान विभाग निदेशालय के निदेशक डॉ. डी.एस.मारू व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal