पेड न्यूज़ पर रहेगी एमएमसी की नज़र
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में नगरपालिका आम चुनावों के तहत पेड न्यूज़ पर नज़र रखी जावेगी। इसके लिए जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है और प्रिन्ट व ईलेक्ट्रोनिक मीडिया में प्रकाशित-प्रसारित होने वाले समाचारों पर समग्र व प्रभावी निगरानी रखी जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में नगरपालिका आम चुनावों के तहत पेड न्यूज़ पर नज़र रखी जावेगी। इसके लिए जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है और प्रिन्ट व ईलेक्ट्रोनिक मीडिया में प्रकाशित-प्रसारित होने वाले समाचारों पर समग्र व प्रभावी निगरानी रखी जाएगी।
तीन सदस्यीय कमेटी गठित:
जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) आशुतोष ए.टी.पेडणेकर ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला स्तर पर पेड न्यूज़ पर निगरानी रखने एवं जांच के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) का गठन किया गया है। इस कमेटी में जिला स्तर पर पदस्थापित राजस्थान प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी के रूप में मुख्य आयोजना अधिकारी को सदस्य तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक को सदस्य सचिव बनाया गया है।
यह कार्य करेगी कमेटी:
आयोग के निर्देशानुसार मीडिया प्रकोष्ठ के गठन के माध्यम से आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के पश्चात निर्वाचन के लिए लोक सूचना जारी होने की तिथि से मतदान की तिथि तक मीडिया में प्रकाशित अथवा प्रसारित होने वाले सभी समाचारों पर गहन निगरानी रखी जाएगी।
यदि कोई संभावित पेड न्यूज़ का मामला पाया जाएगा तो उसकी जांच के लिए गठित मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (एमएमसी) के समक्ष रखी जाएगी तथा कमेटी द्वारा जांच के पश्चात पेड न्यूज़ का मामला पाए जाने पर मीडिया की प्रचलित विज्ञापन दर के आधार पर व्यय का आंकलन कर संबंधित अभ्यर्थी के चुनाव व्यय हिसाब में जोड़ दिया जाएगा।
यह होगी पेड न्यूज निर्धारण की प्रक्रिया:
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध पेड न्यूज के प्रकरण मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा चिह्नित किए जाएंगे। प्रारम्भिक तौर पर उनका परीक्षण जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटेरिंग कमेटी (एमएमसी) में किया जाएगा। यदि जिला स्तरीय एमएमसी द्वारा प्रकरणों को संदिग्ध पेड न्यूज माना जाता है तब वह प्रकरण संबंधित नगरपालिका क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के पास अभ्यर्थी को नोटिस जारी करने के लिए प्रेषित किया जाएगा।
रिटर्निंग अधिकारी द्वारा अभ्यर्थी को नोटिस जारी किया जाएगा व नोटिस तामील के 48 घण्टे के अन्दर अभ्यर्थी जवाब प्रस्तुत कर सकेंगे। निर्धारित समय में यदि अभ्यर्थी जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं तो रिटर्निंग अधिकारी द्वारा नोटिस की प्रति के साथ प्रकरण जिला स्तरीय एमएमसी में विचारार्थ जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। अभ्यर्थी ने यदि अपने जवाब में पेड न्यूज होना मान लिया है तो, पेड न्यूज की लागत डी.ए.वी.पी. अथवा डी.पी.आर. की दर के अधार पर ज्ञात कर अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खातों में जोड़ दी जाएगी।
अभ्यर्थी द्वारा अपने जवाब में पेड न्यूज होना स्वीकार नहीं किया है तो, प्रकरण पुनः जिला स्तरीय एमएमसी में प्रस्तुत किया जाएगा और जिला स्तरीय एमएमसी द्वारा निर्णय लेकर निर्णय की प्रति अभ्यर्थी को दी जावेगी। जिला स्तरीय एमएमसी द्वारा कन्फर्म पेड न्यूज की स्थिति में पेड न्यूज की लागत अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में जोड़ी जाएगी।
इसी प्रकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी पेड न्यूज के प्रसारण के समय (प्राईम टाईम/साधारण टाईम) को ध्यान में रखते हुए पेड न्यूज की लागत ज्ञात की जाएगी। जिला स्तरीय एमएमसी के निर्णय के विरुद्ध मुख्य निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय एमएमसी के समक्ष 48 घण्टो के अन्दर अपील की जा सकेगी।
यदि अपील में जिला स्तरीय एमएमसी के निर्णय को निरस्त कर दिया जाता है , ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी के खाते में जोड़ी गई राशि कम कर दी जाएगी।