मोबाइल फ़ोन के झगड़े ने ली बहन की जान, महाराणा प्रताप सेना ने किया अंतिम संस्कार

महाराणा प्रताप सेना टीम ने आज माउंट आबू निवासी मृतक नीलिमा (नीलम) थापा का अंतिम संस्कार अशोक नगर स्थित मोक्ष पर किया। मृतका के पिता अमृत बहादुर थापा ने अपनी मृतक बेटी का शव पैसे की कमी के कारण माऊंट आबू ले जाकर अंतिम संस्कार करने में असमर्थता जताते हुए महाराणा प्रताप सेना से संपर्क किया कि उसकी पुत्री नीलम की एमबी अस्पताल इलाज के दौरान म्रत्यु हो गई है। उसके पास अंतिम संस्कार के पैसे नही है वह माउंट आबू जाने का किराया भी नही है तब महाराणा प्रताप सेना के मोहन सिंह राठौड़ चिकित्सालय जा कर एम्बुलेन्स से शव को अशोक नगर मोक्ष धाम पर अंतिम संस्कार किया।

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मोबाइल फ़ोन के झगड़े ने ली बहन की जान, महाराणा प्रताप सेना ने किया अंतिम संस्कार

उदयपुर 10 अक्टूबर 2019 महाराणा प्रताप सेना टीम ने आज माउंट आबू निवासी मृतक नीलिमा (नीलम) थापा का अंतिम संस्कार अशोक नगर स्थित मोक्ष पर किया। मृतका के पिता अमृत बहादुर थापा ने अपनी मृतक बेटी का शव पैसे की कमी के कारण माऊंट आबू ले जाकर अंतिम संस्कार करने में असमर्थता जताते हुए महाराणा प्रताप सेना से संपर्क किया कि उसकी पुत्री नीलम की एमबी अस्पताल इलाज के दौरान म्रत्यु हो गई है। उसके पास अंतिम संस्कार के पैसे नही है वह माउंट आबू जाने का किराया भी नही है तब महाराणा प्रताप सेना के मोहन सिंह राठौड़ चिकित्सालय जा कर एम्बुलेन्स से शव को अशोक नगर मोक्ष धाम पर अंतिम संस्कार किया।

सेवा कार्य मे संस्थापक मोहन सिंह राठौड़, प्रेंम शंकर पालीवाल, रणजीत सिंह, विनोद प्रजापत, निर्मल टेलर, चंद्रवीर सिंह, ललीत गारू, सनी कल्याना, विनोद डोडी, नन्दराज भारती, अम्बालाल जी, सुनील कल्याना, प्रदीप खेरादिया, उपस्थित थे।

मामूली झगड़े में खुद को झुलसाया था

मृतका नीलम के पिता अमृत बहादुर थापा ने बताया कि मृतका नीलम और उसका छोटा भाई एक माह पहले 11 सितंबर को माउंट आबू घर पर ही 3 बजे मोबाइल के पानी मे गिर जाने से दोनों भाई बहन के मध्य विवाद हुआ जिससे गुस्से में आकर वह माता के डांटने पर अपने शरीर पर नीलम ने कमरा बन्द कर खुद को डीजल डाल कर आग लगा दी जिससे पूरा शरीर झुलस गया।

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मृतका नीलम को दूसरे दिन एमबी अस्पताल में भर्ती कराया जिसकी इलाज के दौरान कल मृत्यु हो गई। माउंटआबू जाने के पैसे नही होने से महाराणा प्रताप सेना ने अंतिम संस्कार किया। साथ ही उनके परिजनों को माउंटआबू जाने का किराया उपलब्ध करवाया। बताया जाता है की मृतका नीलम किराने की दुकान चला कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रही थी। उसके पिता की हार्ट की बाईपास सर्जरी का इलाज भी उसीने करवाया था वह माता विकलांग होने से पूरे परिवार का भरण पोषण भी वही कर रही थी।

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