Udaipur News: 'भारत का इतिहास गुलामी का नहीं, बल्कि आक्रमणकारियों के विरुद्ध संघर्ष का इतिहास है' - मोहन भागवत
उदयपुर, June 17, 2026 | Maharana Pratap Jayanti - Mohan Bhagwat Visit: उदयपुर में आयोजित राष्ट्र चेतना संकल्प सभा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने हल्दीघाटी युद्ध, महाराणा प्रताप और भारत के इतिहास को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी के युद्ध को लेकर इतिहासकारों ने एक विशेष नैरेटिव तैयार किया, जबकि युद्ध में विजय केवल महाराणा प्रताप की हुई थी। Maharana Pratap Jayanti, Udaipur
डॉ. भागवत ने कहा कि मुगल इतिहासकारों ने भी अपने लेखों में उल्लेख किया है कि युद्ध के दौरान मुगल सेना को पीछे हटना पड़ा था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुगल सेना पीछे हटी थी तो विजय किसकी मानी जानी चाहिए। Udaipur News Today
यह कार्यक्रम महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती और हल्दीघाटी युद्ध के 450 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय समारोह का हिस्सा था। गांधी ग्राउंड में आयोजित सभा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सरसंघचालक ने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध केवल महाराणा प्रताप या उनकी सेना ने नहीं लड़ा था, बल्कि पूरे समाज ने इसमें भागीदारी निभाई थी। उन्होंने कहा कि संसाधनों और शस्त्रों की कमी के बावजूद महाराणा प्रताप ने संघर्ष जारी रखा और स्वाभिमान तथा राष्ट्रभक्ति का उदाहरण प्रस्तुत किया। Udaipur Latest News
उन्होंने इतिहास लेखन को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार तथ्यों के विपरीत नैरेटिव गढ़े जाते हैं। उन्होंने विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का इतिहास गुलामी का नहीं, बल्कि आक्रमणकारियों के विरुद्ध संघर्ष का इतिहास है।
राष्ट्रीय एकता पर जोर देते हुए डॉ. भागवत ने कहा कि भारतीय समाज के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बाहरी चुनौतियों के समय देश एकजुट होकर खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि हमेशा एकता बनाए रखने की आवश्यकता है और महाराणा प्रताप ने भी समाज को संगठित रखने का संदेश दिया था। Rajasthan News Update
सभा में विभिन्न संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
