मां ने अकेले परवरिश कर सृष्टि को बनाया काबिल, RBI की नौकरी छोड़ बनी IAS अफसर

 | 
मां ने अकेले परवरिश कर सृष्टि को बनाया काबिल, RBI की नौकरी छोड़ बनी IAS अफसर 

Udaipur Times, IAS  Srishti Dabas : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करना भारत में सबसे कठिन चुनौतियों में से एक है। कई लोगों को इसके लिए वर्षों तक निरंतर तैयारी करनी पड़ती है, अक्सर करियर या सामाजिक जीवन की कीमत पर। लेकिन IAS परीक्षा देने वाली सृष्टि डबास की कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और अटूट सपने के साथ, सबसे कठिन बाधाओं को भी पार किया जा सकता है।

मां ने अकेले की परवरिश

दिल्ली में जन्मी और पली-बढ़ी सृष्टि डबास का बचपन एक कठिन परिवेश में बीता। जब वह बहुत छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए और उनकी मां ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया। अपनी मां के बलिदानों और संघर्षों को देखकर सृष्टि के दिल पर गहरा प्रभाव पड़ा। जीवन के शुरुआती दौर में ही उन्होंने न केवल अपनी मां के जीवन को बेहतर बनाने का संकल्प लिया, बल्कि अपनी उपलब्धियों से उन्हें गौरवान्वित भी किया।

मां ने अकेले की परवरिश कर सृष्टि को बनाया काबिल

दिल्ली के इंदिरा ट्रस्ट कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की

सृष्टि एक प्रतिभाशाली छात्रा थीं, जिन्होंने दिल्ली के इंदिरा ट्रस्ट कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बाद में इग्नू से इसी विषय में ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की। ​​स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उन्होंने गंभीरता से UPSC परीक्षा की तैयारी में अपना ध्यान केंद्रित किया।

नौकरी और UPSC की तैयारी के बीच संतुलन बनाना

अधिकतर उम्मीदवार जो अपना सारा समय पढ़ाई में लगाते हैं जबकि सृष्टि को नौकरी और व्यक्तिगत दोनों जिम्मेदारियों को निभाना पड़ा। उन्हें भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में नौकरी मिल गई और इससे पहले उन्होंने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में भी काम किया था। उनका दिन नियमित 9 से 5 की नौकरी में बीतता था, लेकिन उनकी शामें, रातें और यहां तक ​​कि लंच ब्रेक भी UPSC की तैयारी में समर्पित थे।

मां ने अकेले की परवरिश कर सृष्टि को बनाया काबिल

वह देर रात तक पढ़ाई करती थी, अक्सर अभ्यास और रिवीजन के लिए रात में सोती नहीं थी। छुट्टी के दौरान ऑफिस की लाइब्रेरी उसकी साथी बन गई थी। नौकरी के साथ-साथ वह अपनी मां और घर की जिम्मेदारियों का भी ख्याल रखती थी। यह अनुशासन, त्याग और अटूट दृढ़ संकल्प से भरा जीवन था।

पहले ही प्रयास में हासिल की सफलता, AIR 6 हुआ हासिल

2023 में, सृष्टि ने पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा में भाग लिया। तमाम मुश्किलों के बावजूद, उन्होंने न केवल परीक्षा पास की बल्कि अखिल भारतीय स्तर पर छठा स्थान हासिल किया, जिससे उन्हें प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान प्राप्त हुआ। उनकी सफलता उनकी अथक मेहनत, आत्मविश्वास और अपनी मां के समर्थन से मिली प्रेरणा का प्रमाण थी।

मां ने अकेले की परवरिश कर सृष्टि को बनाया काबिल

आज IAS सृष्टि डबास पूरे भारत में लाखों UPSC उम्मीदवारों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी यात्रा यह दर्शाती है कि महान उपलब्धियां प्राप्त करने के लिए आदर्श परिस्थितियों की आवश्यकता नहीं होती वास्तव में जो मायने रखता है वह है निरंतरता, आत्मविश्वास और विपरीत परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते रहने का साहस।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News