नगर निगम ने किए 33 भूखंडों के आवंटन निरस्त
आवंटन की शर्तों की पालना नहीं करने पर नगर निगम ने हिरण मगरी सेक्टर 4 क्षेत्र में आवंटित 33 भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इनमें सन 1975 से लेकर 2017 तक आवंटित भूखंड सम्मिलित हैं। 10 मार्च को आयोजित बोर्ड बैठक में लिए निर्णय के अनुसार यह कार्यवाही की गई।कचरागाह बन गए हैं भूखंड, शर्तें पूरी करने पर छह माह में निरस्ती हो सकती है बहाल निम्न भूंखंडों का आवंटन निरस्त हिरण मगरी सेक्टर 4 की भूखंड संख्या 987, 846, 647,871,1110-सी, 956, 500, 74, 130, 804, 4, 18, 1104, 1, 35, 67, 835, 917, 1111-ए, 503, 505, 1152, 801, 849, 1298, 850, 838, 828, 1121, 1113, 14, 7 एवं 267 का आवंटन निरस्त किया गया। इनमें 980 से लेकर 40 हजार वर्गफीट के भूखंड सम्मिलित हैं।
आवंटन शर्तों की पालना नहीं करने के कारण उठाया कदम
आवंटन की शर्तों की पालना नहीं करने पर नगर निगम ने हिरण मगरी सेक्टर 4 क्षेत्र में आवंटित 33 भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है। इनमें सन 1975 से लेकर 2017 तक आवंटित भूखंड सम्मिलित हैं। 10 मार्च को आयोजित बोर्ड बैठक में लिए निर्णय के अनुसार यह कार्यवाही की गई।
निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग ने बताया कि आवंटन की शर्त के अनुसार उक्त भूखंड स्वामियों ने निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य नहीं करवाया है। पूर्व में सूचित किए जाने के बावजूद आवंटन की शर्तों की पालना नहीं की गई। निगम द्वारा दी गई दो सप्ताह की अवधि में भूखंड की सफाई कर समस्त शुल्क जमा करवाने के पश्चात निर्माण स्वीकृति लेकर कार्य प्रारम्भ करवाना था। भूखंड मालिकों ने इसकी भी अवहेलना की।
कचरागाह बन गए हैं भूखंड
निर्माण नहीं करवाए जाने से आस-पास के लोगों ने इन भूखंडों पर कचरा डालना शुरु कर दिया जिससे काफी गंदगी भी हो गई हैं। गंदगी के चलते ये भूखंड खतरनाक और संतापकारी जीवों की शरणस्थली बन गए हैं जिससे पास-पड़ौस में रहने वालों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो गया है। यह राजस्थान म्यूनिसिपल एक्ट 2009 की धारा 260 का उल्लंघन है।
निम्न भूंखंडों का आवंटन निरस्त
हिरण मगरी सेक्टर 4 की भूखंड संख्या 987, 846, 647,871,1110-सी, 956, 500, 74, 130, 804, 4, 18, 1104, 1, 35, 67, 835, 917, 1111-ए, 503, 505, 1152, 801, 849, 1298, 850, 838, 828, 1121, 1113, 14, 7 एवं 267 का आवंटन निरस्त किया गया। इनमें 980 से लेकर 40 हजार वर्गफीट के भूखंड सम्मिलित हैं।
शर्तें पूरी करने पर छह माह में निरस्ती हो सकती है बहाल
आवंटन निरस्त होने के पश्चात छह माह की अवधि में निरस्ती बहाल की जा सकती है। इसके लिए भूखंड स्वामियों को 31 दिसम्बर 2017 तक पुनर्ग्रहण शुल्क जमा करना होगा। 2 हजार 7 सौ से ज्यादा बड़े भूखंड पर नियमानुसार नगरीय विकास शुल्क जमा कराना होगा। साथ ही भूखंड से गंदगी हटवाकर सफाई करवानी होगी। इसके अलावा 20 रुपए प्रति वर्गफीट के अनुसार शास्ती जमा करवा कर भवन निर्माण की अनुमति लेकर निर्माण प्रारम्भ करवाना होगा।
