देश में सबसे ज्यादा IAS-IPS बनने वाले गांव की बेटी मुस्कान सोलंकी ने भी किया कमाल, PCS परीक्षा पास कर बनीं अफसर
Udaipur Times, HCS Muskan Solanki : उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले का माधोपट्टी गांव, जो बड़ी संख्या में IAS और IPS जैसे अधिकारी देने के लिए मशहूर है, वहां की बेटियां भी अपनी काबिलियत से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं। माधोपट्टी की बेटी मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा PCS परीक्षा पास करके न सिर्फ़ अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे ज़िले को गौरवान्वित किया है।
9 अक्टूबर, 2026 को हरियाणा लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे आने के बाद जब उनके चुने जाने की खबर मिली, तो पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार वालों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी और इस कामयाबी पर खुशी ज़ाहिर की।
53 प्रशासनिक अधिकारियों की विरासत को आगे बढ़ाना
माधोपट्टी प्रशासनिक अधिकारी देने वाले गांव के तौर पर जाना जाता है। यहां के लोगों ने कड़ी मेहनत, लगन और काबिलियत के दम पर प्रशासनिक सेवाओं में अहम पद हासिल किए हैं। अब तक इस गाँव के 53 लोग इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) और इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) में अधिकारी के तौर पर सेवा दे चुके हैं। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, मुस्कान सोलंकी ने हरियाणा PCS परीक्षा में सफलता हासिल की है। उनकी कामयाबी एक बार फिर साबित करती है कि छोटे से गाँव से आकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।
पंजाब में पढ़ाई; कड़ी मेहनत से मिली कामयाबी
मुस्कान सोलंकी के पिता, नवीन सोलंकी, पंजाब पुलिस में अधिकारी हैं। मुस्कान ने अपनी पढ़ाई पंजाब में पूरी की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करते हुए मेहनत और लगन से तैयारी की। हरियाणा PCS परीक्षा में उनकी सफलता इन्हीं कोशिशों का नतीजा है। उनकी कामयाबी से परिवार में जश्न का माहौल है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो प्रशासनिक सेवाओं में शामिल होने का सपना देखते हैं और उस लक्ष्य को पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
HCS के बाद IAS अधिकारी बनने का सपना
हरियाणा PCS परीक्षा में चुने जाने के बाद भी मुस्कान सोलंकी की महत्वाकांक्षाएँ यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) अधिकारी बनना है। यह सोच दिखाती है कि वह अपनी सफलता को आखिरी मंज़िल नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए एक अहम सीढ़ी मानती हैं।