मेरीजन्मभुमि की राष्टिय स्तर पर सराहना
केन्द्र एवं राज्य सरकार की शासन प्रणाली में सूचना एवं संचार तकनीकी के नये प्रयोगों एवं नागरिकों, संस्थाओं तथा उद्यमियों को इस और प्रोत्साहित करने के उदेश्य से 11, अक्टुबर 2014 को डीईएफ तथा उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की और से आयोजित ई-उत्तरा मंथन एवार्ड में राजस्थान से चुने गए एक मात्र प्रोजेक्ट मेरीजन्मभूमि को […]
केन्द्र एवं राज्य सरकार की शासन प्रणाली में सूचना एवं संचार तकनीकी के नये प्रयोगों एवं नागरिकों, संस्थाओं तथा उद्यमियों को इस और प्रोत्साहित करने के उदेश्य से 11, अक्टुबर 2014 को डीईएफ तथा उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की और से आयोजित ई-उत्तरा मंथन एवार्ड में राजस्थान से चुने गए एक मात्र प्रोजेक्ट मेरीजन्मभूमि को सराहा गया।
मोबाईल एवं इन्टरनेट की तकनीक पर आधारित आविष्कार मेरीजन्मभुमि राजस्थान के पांच गावों को उनके प्रवासी शहरवासीयों से जोडे रखता है तथा मोबाईल एवं ईमेल के जरिये सूचनओं के आदान-प्रदान द्वारा इस डवलपमेंट नेटवर्क के प्रत्येक नागरीक को सामाजिक उत्थान में सक्रिय सहयोग के लिये प्रेरित करता है। वर्ष 2011 से कोशीवाडा, गावंगुडा, झालोंकी मदार, शीशोदा, तथा मचिंद, जिला राजसमन्द में सफलता पूवर्क चल रहे इस प्रोजेक्ट से शिक्षा, स्वास्थ, रोजगार, व्यापार ग्रामिण क्षैत्र की कला संस्कृति के सवंर्धन तथा सरंक्षण के साथ साथ एक सशक्त लोकतन्त्र के निर्माण में सहायता मिलती है।
उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के चिफ सेकेटरी श्री आलोक रंजन ने बताया की “आने वाले समय में राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं को लोगों तक पहुचाने एवं उनकी निगरानी तथा विश्लेषण करने में मोबाईल एक उपयोगी यन्त्र के रूप में काम आ सकेगा।’’
मेरीजन्मभुमि की परिकल्पना, योजना एवं क्रियान्वयन उदयपुर की उसी आई टी कम्पनी ई.एन. कम्प्युटर्स ने किया है जो पुर्व में भी ’’रोवींग आई’’ तथा एसे ही इनोवेशन के लिये जानी जाती है। मेरीजन्मभुमि के एकलिंग नाथ ने बताया की राज्य सरकार, केन्द्रसरकार तथा प्रशासन की मदद से इस लाभकारी योजना को और अधिक से अधिक लोगों तक पहुचाया जा सकता है तथा अगामी वर्ष में 50 से 100 गावों तक बढाने का लक्ष्य रखते हुए राजस्थान राज्य सरकार, प्रशासन, अन्य स्वयंसेवी सगठनों, संस्थानो तथा लोगो को इससे जुडने की अपील की है।
